दिल्ली के मुखर्जी नगर में एक गंभीर रोडरेज की घटना सामने आई है, जिसमें दिल्ली हाईकोर्ट में वकालत करने वाले एक वकील और उनके साथी को कथित तौर पर एक ‘थार’ चालक और उसके साथियों ने डंडों से पीट दिया। यह वारदात 25 जनवरी की रात लगभग 8.45 बजे हुई, जब वकील अपने मुवक्किल से मिलने के लिए कार चला रहे थे। घटना स्थल एक संकरी गली के पास स्थित रेस्तरां के समीप थी।

पीड़ित वकील, जो उत्तर प्रदेश के नोएडा एक्सटेंशन के रहने वाले हैं, ने पुलिस को बताया कि उनके साथ यह घटना तब हुई जब उनकी कार के रास्ते को अचानक हरियाणा पंजीकरण नंबर वाली काले रंग की थार ने रोक लिया। वकील ने दावा किया कि थार चालक ने उनके वाहन के सामने पूरी तरह से अपनी गाड़ी रोक दी और लगभग पांच मिनट तक उन्हें गली से बाहर निकलने की इजाजत नहीं दी।
वकील ने पुलिस को बताया, “मैं अपनी एसयूवी चला रहा था और एक मोड़ पर अचानक काले रंग की थार मेरी कार के सामने आकर रुक गई। इसके बाद चालक ने मुझे गालियां देना शुरू कर दिया। जब मैंने विरोध किया, तो उसने मुझे जान से मारने की धमकी दी। मैंने उसे पुलिस बुलाने की बात कही, तब वह अपनी कार की खिड़कियां बंद कर आगे बढ़ गया, लेकिन थोड़ी दूरी पर रुककर फिर से गाली-गलौज करने लगा।”
घटना के दौरान, वकील ने अपने दोस्त को भी बुला लिया था, जो घटनास्थल पर आकर उनके साथ हो गया। जैसे ही दोनों पुलिस को सूचना देने के लिए अपनी कार की ओर लौट रहे थे, तब तक थार चालक अपने पांच-छह साथियों के साथ लौट आया। इन सभी के पास डंडे थे, और उन्होंने अचानक पीछे से वकील और उनके दोस्त पर हमला कर दिया।
प्राथमिकी के अनुसार, हमलावरों ने जान से मारने की नियत से डंडों से वार किए। वकील और उनके दोस्त दोनों के सिर पर गंभीर चोटें आईं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पीसीआर टीम मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को इलाज के लिए बाबू जगजीवन राम मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल में पहुंचने के बाद, पीड़ित गंभीर सदमे में थे और तत्काल बयान देने की स्थिति में नहीं थे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अस्पताल में पीड़ितों के बयान दर्ज करने की कोशिश की गई, लेकिन वे दर्द और सदमे के कारण बयान देने में असमर्थ थे। इसके बाद, शिकायतकर्ता 26 जनवरी को मुखर्जी नगर पुलिस थाना पहुंचे और अपना बयान दर्ज कराया।
पुलिस ने घटना के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 126(2) (गलत तरीके से रोकना) और 3(5) (साझा मकसद) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया गया है।
इस घटना ने स्थानीय निवासियों और वकील समुदाय में चिंता बढ़ा दी है। सड़क पर रोडरेज जैसी हिंसक घटनाओं के बढ़ते मामलों को लेकर पुलिस की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। वकील संघ के सदस्य भी इस घटना को गंभीर मानते हुए पुलिस से आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
विशेष रूप से, इस घटना में वकील का अनुभव बताते हुए यह सामने आया कि सड़क पर अचानक किसी वाहन द्वारा रास्ता रोकना और अभद्र व्यवहार करना आम होता जा रहा है। पीड़ित वकील ने कहा, “यदि किसी ने गाड़ी रोक दी है और आप विरोध करते हैं, तो व्यक्ति आसानी से हिंसक हो सकता है। मेरी सलाह है कि लोग ऐसी स्थिति में शांत रहें और पुलिस को तुरंत सूचना दें।”
साक्ष्य एकत्र करने के लिए पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा, पुलिस ने आसपास के लोगों और दुकानदारों से भी घटनाक्रम के बारे में जानकारी मांगी है। अधिकारी ने बताया कि जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना है।
यह घटना दिल्ली में रोडरेज और सड़क हिंसा के मामलों को फिर से उजागर करती है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, ऐसे मामलों में आमतौर पर जांच में समय लगता है, क्योंकि कई बार आरोपी कई लोगों के साथ आते हैं और घटनास्थल से भाग जाते हैं।
इस वारदात ने सड़क सुरक्षा और ड्राइविंग शिष्टाचार की आवश्यकता पर भी ध्यान आकर्षित किया है। वकील और उनके साथी पर हमला करने वाले व्यक्ति और उनके साथियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को पकड़ने के लिए किसी भी कड़ी मेहनत से पीछे नहीं हटेंगे और शीघ्र ही उन्हें न्याय के सामने लाया जाएगा।
अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि वकील और उनके दोस्त को सिर पर गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें कुछ दिन अस्पताल में रहकर इलाज की आवश्यकता होगी। पुलिस और अस्पताल प्रशासन दोनों ही मामले की गंभीरता को लेकर सतर्क हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सड़क पर गुस्से और हिंसा किस हद तक बढ़ सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामले केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं रुकेंगे, बल्कि लोगों को सड़क पर संयम और शिष्टाचार का पालन करना जरूरी है।
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