उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में सड़क चौड़ीकरण की तैयारी के बीच व्यापारियों की परेशानी बढ़ती नजर आ रही है। कोहाड़ापीर से धर्मकांटा चौराहे तक प्रस्तावित सड़क विस्तार के तहत नगर निगम ने अवैध अतिक्रमण चिह्नित करते हुए कई दुकानों पर लाल निशान लगा दिए हैं। इससे स्थानीय व्यापारी असमंजस और भय के माहौल में हैं।

दरअसल, मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (सीएम ग्रिड) योजना के अंतर्गत इस करीब एक किलोमीटर लंबे मार्ग को चौड़ा किया जाना है। नगर निगम की टीम ने पैमाइश कर सड़क के दोनों ओर बनी दुकानों और निर्माणों को चिन्हित किया है। पेट्रोल पंप से लेकर धर्मकांटा चौराहे तक कई प्रतिष्ठानों पर लाल निशान लगाए गए हैं।
इस मार्ग पर 50 से अधिक दुकानें स्थित हैं, जिनमें टायर, हार्डवेयर और सैनिटरी से जुड़े छोटे-बड़े व्यवसाय शामिल हैं। व्यापारियों का आरोप है कि पैमाइश में एकरूपता नहीं है—कहीं 1.5 मीटर तो कहीं 2.5 मीटर तक अतिक्रमण दिखाया गया है। इससे उन्हें यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि सड़क की वास्तविक चौड़ाई कितनी तय की गई है।
रविवार को व्यापारियों ने बैठक कर नगर निगम की कार्रवाई पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि कोरोना काल में व्यापार पहले ही बुरी तरह प्रभावित हुआ, फिर महादेव सेतु के निर्माण से नुकसान झेलना पड़ा। अब यदि दुकानों को तोड़ा गया तो रोजी-रोटी पर संकट आ जाएगा। कुछ व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि बड़े कारोबारियों को राहत दी जा रही है, जबकि छोटे दुकानदारों पर कार्रवाई हो रही है।
स्थानीय व्यापारियों आफताब, फिरासत अली, गुरदीप सिंह और संजीव अग्रवाल ने कहा कि निगम ने बिना कोई मानक बताए सीधे लाल निशान लगा दिए। व्यापारियों का कहना है कि यदि पहले संवाद किया जाता तो स्थिति बेहतर हो सकती थी।
वहीं, नगर आयुक्त संजीव मौर्य ने स्पष्ट किया कि सड़क चौड़ीकरण का काम तय मानकों के अनुसार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के साथ बैठक कर उनकी आपत्तियों का समाधान किया जाएगा और उसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। निगम का उद्देश्य किसी को अनावश्यक रूप से परेशान करना नहीं है।
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