हरियाणा के कोहंड रेलवे स्टेशन के पास रविवार रात जनशताब्दी एक्सप्रेस (12058) के एसी कोच पर पत्थर फेंकने की घटना ने यात्रियों में दहशत फैलाकर सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। यह घटना रात करीब 2 बजे हुई, जब ट्रेन एसी कोच सी-4 में गुजर रही थी। अज्ञात युवक द्वारा फेंका गया पत्थर कोच के शीशे से टकराया, जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया।

घबराए यात्रियों ने तुरंत रेलवे कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) तुरंत हरकत में आया। कोहंड सेक्शन में तैनात कॉन्स्टेबल अंकित और सुभाष चंद्र को मौके पर भेजा गया, जबकि पानीपत जंक्शन से सहायक उप निरीक्षक बलवान के नेतृत्व में एक टीम रवाना की गई।
तलाशी के दौरान रेलवे लाइन के पास दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। आरपीएफ ने उनसे पूछताछ की। पूछताछ के दौरान एक युवक ने खुद को दोषी मानते हुए बताया कि उसने जनशताब्दी एक्सप्रेस पर पत्थर फेंका था। उसने अपना नाम रमेश कुमार पुत्र देवेंद्र महतो, निवासी मुजफ्फरपुर (बिहार) बताया। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि इससे पहले उसने अमृतसर-नई दिल्ली एक्सप्रेस पर भी इसी तरह की घटना अंजाम दी थी।
आरपीएफ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रमेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया गया। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी यात्रियों और रेलवे स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इस मामले ने रेलवे सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं, क्योंकि पत्थरबाजी जैसी घटनाएं न केवल यात्रियों की जान के लिए खतरा पैदा करती हैं, बल्कि रेलवे परिचालन को भी प्रभावित करती हैं। आरपीएफ ने यात्रियों से अपील की है कि यदि वे किसी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति को देखते हैं, तो तुरंत इसकी जानकारी रेलवे पुलिस को दें।
आरपीएफ के सहायक उप निरीक्षक बलवान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे सुरक्षा बल सतर्क है और लगातार गश्त कर रही है। उन्होंने बताया कि रेलवे स्टेशनों और ट्रैक किनारे संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी बढ़ाई गई है, ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
यात्रियों ने घटना के दौरान अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। कई लोगों ने बताया कि पत्थर कोच की खिड़की से टकराने के बाद ट्रेन में जोर की आवाज़ हुई, जिससे बच्चे और बुजुर्ग डर गए। कई यात्रियों ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की सराहना की, क्योंकि सूचना मिलते ही आरपीएफ टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को पकड़ लिया।
इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया कि रेलवे सुरक्षा बल की तत्परता और यात्रियों की सतर्कता मिलकर आपराधिक गतिविधियों को रोक सकती है। अधिकारियों ने कहा कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और इसकी पूरी जांच की जा रही है।
रेलवे अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे स्टेशन और ट्रैक किनारे CCTV कैमरे और गश्त की व्यवस्था बढ़ाई जा रही है। उन्होंने जनता से अपील की कि वह रेलवे संपत्ति और यात्रियों की सुरक्षा के लिए किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करें।
इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है और रेलवे सुरक्षा के महत्व को दोबारा सामने लाया है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अपराधियों को कानून के कटघरे में लाने के लिए आरपीएफ और रेलवे पुलिस लगातार गश्त और जांच कर रही है।
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