
विमलेश तिवारी (लखनऊ) :: जल्दबाजी के चक्कर में शिक्षिकाओं को ले जा रही मारुति वैन यूपी 32 एचडब्ल्यू 1238 ने केवी में पढ़ रही छात्रा प्रगति तिवारी को विद्यालय जाते समय ठोकर मार दी जिससे उसके हाथ में चोट आई है लगातार इस तरीके से डग्गामार वाहनों से प्रायमरी शिक्षिका लखनऊ से पढ़ाने के लिए स्कूल जाती हैं जबकिविद्यालय का समय 8:00 बजे है और उनका समय 8:30 लखनऊ से निकलने का होता है इस प्रकार पर शिक्षिकाएं स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने का काम कर रही हैं एक तरफ सर्व शिक्षा अभियान चलाया जा रहा है दूसरी तरफ योगी सरकार को बदनाम करने के लिए भारी भरकम वेतन पाने के बावजूद समय पर विद्यालय न पहुंचना इनका रोज का काम है। जल्दबाजी में ड्राइवर पर दबाव बनाना अक्सर दुर्घटना का कारण बन जाता है यह कोई एक दिन का काम नहीं है इसी कड़ी में जब एक छात्रा केंद्रीय विद्यालयमें पढ़ने जा रही थी स्कूली वैन ने जिस में शिक्षिकाएं थी ठोकर मार दी जिस छात्रा को हाथ पैर मेंचोट आई है। जल्दबाजी के चक्कर में इस प्रकार कीघटनाएँ होती है
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सुनने में आया है कि शिक्षिकाएं खुद ठेके पर अपने साथ की शिक्षिकाओं को ले जाने के लिए van चलवाती है रसूख कितना है कि वह छात्रा के चोट लगने के बावजूद बदतमीजी पर उतारू रही छात्रा को चोट लगने के बावजूद भी इन लोगों ने उनको दवाई दिलाना नहीं समझा उल्टे और छात्रा को डाँटती रही आखिर एक प्रकार की शिक्षिकाएं बच्चों के साथ विद्यालय में कैसा व्यवहार करती होंगी यह तो उस विद्यालय के बच्चे ही जानते होंगेफिर भी कुछ हो इस प्रकार के वाहनों पर रोक लगनी चाहिए जो कमर्शियल ना होने के बावजूद भी किराए पर चलाए जा रहे हैं जिससे यह शिक्षिकाएं प्रतिदिन लखनऊ से पढ़ाने के लिए जाती है जो कभी भी विद्यालय समयसे नहीं पहुंचती है लेकिन विभागीय उच्च अधिकारी जो आंख और कान दोनों मूंदे हुए हैं जिसने प्रदेश में शिक्षा का ग्राफ कागजों में लगातार बढ़ता हुआ दिखाईपड़ता है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है अब देखना है इस बार अधिकारी कुछ संज्ञान में लेते हैं या नहीं इस प्रकार की घटनाएं होती रहेंगी अक्सर परिवहन विभाग के कर्मचारी जो बड़े वाहनों पर दृष्टि जमाए रहते हैं लेकिन इन वाहनों पर उनकी दृष्टि नहीं जाती शायद उन्हें किस बड़ी घटना का इंतजार है ।
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