मेरठ | अक्खेपुर-रार्धना रोड पर मिले जले शव के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। मुंबई में हलवाई का काम करने वाले रोहित उर्फ सोनू (28) की हत्या 16 साल के नाबालिग टेंपो चालक ने की थी। आरोपी को पुलिस ने किशोर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात की शुरुआत टेंपो में तेज आवाज में गाना बजाने को लेकर हुए विवाद से हुई। नशे में धुत सोनू ने गाना बंद करने को कहा, लेकिन इस दौरान उसने मां-बहन की गालियां दे दीं। यही बात नाबालिग चालक को अंदर तक चुभ गई और उसने मन ही मन सोनू को मारने की ठान ली।
शराब पिलाकर किया बेसुध, खुद पी एनर्जी ड्रिंक
सीओ सरधना आशुतोष कुमार के अनुसार, आरोपी ने पहले सोनू से दोस्ती की और उसे और शराब पिलाई, जिससे वह पूरी तरह बेसुध हो गया। जबकि खुद आरोपी ने एनर्जी ड्रिंक पी। इसके बाद मौका पाकर उसने पास पड़ी ईंट से सिर पर वार कर सोनू की हत्या कर दी।
पहचान छिपाने के लिए शव जलाया
हत्या के बाद आरोपी ने शव को करीब 15 मीटर तक घसीटकर स्कूल की दीवार के पास ले गया। टेंपो में रखे मोबिल ऑयल, कपड़े और पत्तों से शव को जलाने की कोशिश की ताकि पहचान न हो सके। सोमवार रात स्कूल के चौकीदार ने आग जलती देखी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
शराब के पाउच ने पकड़वाया आरोपी
पुलिस को घटनास्थल से शराब के पाउच मिले। पाउच पर लगे बारकोड को स्कैन करने पर पुलिस पास के ठेके तक पहुंची। वहां लगे सीसीटीवी फुटेज में आरोपी किशोर और मृतक सोनू एक साथ शराब खरीदते दिखाई दिए। इसी तकनीकी साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान कर उसे पकड़ लिया।
शादी के लिए मुंबई से आया था सोनू
परिजनों ने बताया कि सोनू मुंबई में हलवाई का काम करता था और शादी के लिए लड़की देखने घर आया था। सोमवार शाम वह टेंपो से अपनी मौसी के घर ज्वालागढ़ जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी निर्मम हत्या कर दी गई।
एनर्जी ड्रिंक बना अपराध की वजह
डॉक्टरों का कहना है कि एनर्जी ड्रिंक में मौजूद केमिकल दिमाग पर तेजी से असर डालते हैं, जिससे गुस्से और आवेश में इंसान खतरनाक फैसले ले सकता है। इस हत्याकांड में भी यही बात सामने आई है।
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