उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच आई आंधी और बारिश ने जहां लोगों को राहत दी, वहीं कई जिलों में यह मौसम आफत बनकर टूट पड़ा। बुधवार को पूरे प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ली और तेज हवाओं, गरज-चमक तथा बारिश के कारण कई दर्दनाक हादसे सामने आए। अलग-अलग जिलों में हुई घटनाओं में कुल 18 लोगों की मौत हो गई, जिससे प्रदेशभर में शोक और चिंता का माहौल है।

सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र अवध रहा, जहां 13 लोगों की जान चली गई। सुल्तानपुर में सात लोगों की मौत हुई, जबकि अमेठी और अयोध्या में तीन-तीन लोगों की जान गई। इसके अलावा पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में पांच लोगों की मौत की खबर है। इन हादसों के पीछे मुख्य वजह तेज आंधी के कारण पेड़ों का गिरना, दीवारों का ढहना और बिजली गिरना रही।
आंधी-बारिश ने तोड़ी व्यवस्था
राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में आंधी और बारिश का असर सीधे जनजीवन पर पड़ा। शहर से लेकर गांव तक बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। तेज हवाओं के कारण करीब 100 से ज्यादा बिजली के खंभे टूट गए और तार गिर गए, जिससे सैकड़ों गांव और कस्बे अंधेरे में डूब गए।
लखनऊ में कई इलाकों में तीन से सात घंटे तक बिजली गुल रही। पेड़ों के गिरने से बिजली लाइनों को भारी नुकसान पहुंचा, जिससे मरम्मत कार्य में भी समय लगा। लोगों को गर्मी और अंधेरे दोनों का सामना करना पड़ा।
ट्रेनों की रफ्तार भी थमी
मौसम के इस अचानक बदले रूप का असर रेल सेवाओं पर भी पड़ा। उत्तर रेलवे और पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल की कई ट्रेनें प्रभावित हुईं। कहीं ट्रेनें देरी से चलीं तो कहीं उन्हें रोकना पड़ा। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रेलवे प्रशासन ने मौसम को देखते हुए सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं और प्रभावित रूटों पर मरम्मत का काम तेज किया गया है।
तेज हवाओं ने मचाई तबाही
प्रदेश के करीब 20 जिलों में तेज आंधी और बारिश का असर देखा गया। वाराणसी में हवा की रफ्तार 109 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई, जो बेहद खतरनाक मानी जाती है। अयोध्या में भी हवाएं 87 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलीं।
तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए और मकानों को नुकसान पहुंचा। सड़कों पर अवरोध पैदा हो गया और यातायात भी प्रभावित हुआ। कई स्थानों पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी।
बारिश और ओलावृष्टि का असर
लखनऊ, रायबरेली, अमेठी और सीतापुर जैसे जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई। इससे फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। किसानों के लिए यह मौसम चिंता का कारण बन गया है, क्योंकि फसल कटाई का समय चल रहा है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी अच्छी खासी बारिश दर्ज की गई। गोरखपुर में 19.2 मिमी, प्रयागराज में 11.2 मिमी और वाराणसी में 9 मिमी वर्षा हुई। अमेठी और आजमगढ़ में भी करीब 5 मिमी बारिश दर्ज की गई।
भीषण गर्मी के बीच राहत और संकट दोनों
हालांकि, इस आंधी-बारिश ने भीषण गर्मी से राहत जरूर दी है, लेकिन इसके साथ आई तबाही ने स्थिति को जटिल बना दिया है। बांदा जिले में तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। यानी कुछ इलाकों में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है।
दूसरी ओर, जहां बारिश हुई वहां तापमान में गिरावट आई और लोगों को थोड़ी राहत मिली। लेकिन तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने नुकसान भी पहुंचाया।
अगले 24 घंटे भी भारी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों तक प्रदेश में मौसम का यही रुख बना रह सकता है। गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है। यह बदलाव मध्य क्षोभमंडल में बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण हो रहा है, जिसका प्रभाव पूरे उत्तर प्रदेश पर पड़ रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए।
इन जिलों में वज्रपात का खतरा
प्रदेश के कई जिलों में बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इनमें बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, रायबरेली, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर शामिल हैं।
इन इलाकों में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, खासकर खुले स्थानों पर जाने से बचने को कहा गया है।
तेज हवाओं का भी अलर्ट
इसके अलावा कुछ जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, भदोही, कन्नौज, कानपुर देहात और कानपुर नगर में तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
इस दौरान पेड़ों और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है।
सावधानी बरतना जरूरी
ऐसे मौसम में लोगों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। आंधी के दौरान घर के अंदर रहना सुरक्षित होता है। पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर दीवारों से दूर रहना चाहिए। बिजली गिरने की आशंका होने पर खुले मैदानों और ऊंचे स्थानों से दूर रहना जरूरी है।
किसानों को भी अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए। प्रशासन ने भी राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया है और प्रभावित क्षेत्रों में नजर रखी जा रही है।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में आंधी और बारिश का यह दौर जहां एक ओर गर्मी से राहत लेकर आया है, वहीं दूसरी ओर इसने कई परिवारों को गम भी दिया है। 18 लोगों की मौत इस बात का संकेत है कि मौसम का यह बदला रूप कितना खतरनाक हो सकता है।
आने वाले दिनों में भी मौसम ऐसा ही बना रहने की संभावना है, इसलिए जरूरी है कि लोग सतर्क रहें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। तभी इस प्राकृतिक बदलाव के बीच सुरक्षित रहना संभव हो पाएगा।
स्वर्णिम टाईम्स : Swarnim Times आपका अपना इंटरनेट अख़बार !