लखनऊ (राम किशोर रावत) : कोविड -19 (कोरोना वायरस) के मद्देनजर संक्रमण की रोकथाम के लिये हुए लॉक डाउन से ज्यादातर लोगों का बाहर निकलना बिलकुल बंद हो गया है और उन्हें अपने घरों में ही रहना पड़ रहा है ।कोरोना से बचाव के लिये यह बेहद जरूरी भी है लेकिन घर में कैद हुए लोगों में तनाव बढ़ने की खबरें दिन प्रतिदिन सामने आ रही हैं । घरों में पति – पत्नी के झगड़े पुलिस तक पहुंच रहे हैं , लेकिन इस तनाव का सबसे ज़्यादा असर उन बच्चों को भुगतना पड़ रहा है जिनके विषय में गंभीरता से विचार भी नहीं किया जाता । लॉक डाउन के बाद राजधानी में अभी हाल हुई कुछ आत्महत्या की घटनाएं शायद घरेलू कलह और तनाव का ही परिणाम हैं , यह एक चिंताजनक विषय है । इस समय कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए स्कूल, पार्क और मॉल जैसी हर वे जगहें बंद हैं जहाँ लोगों को अपनी ऊर्जा व रचनात्मक कौशल दिखाने और मनोरंजन का मौका मिलता है।
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लॉक डाउन का प्रभाव बच्चों पर पड़ रहा है क्योंकि वे अपने दोस्तों के घर भी नहीं जा पा रहे। घर की चाहरदीवारी में सिमट जाने के कारण उनका तनाव बढ़ रहा है । इस तनाव से उनमें तनाव और उग्रता बढ़ती देखी जा रही है। बच्चों के साथ साथ बड़ो और बुजुर्गों में भी तनाव , आर्थिक चिंता घबराहट , वर्कलोड और फ्रीडम न मिलने आदि परेशानियों से डिप्रेशन जैसी बीमारी बढ़ रही है । जिससे लोगों में चिड़चिड़ापन , सिरदर्द और उग्रता बढ़ रहा है । छोटी – छोटी बातों को लेकर घरों में कलह और मारपीट हो रही है ।
कोरोना जैसी विकट बीमारी से लड़ने के लिये लोगों का मानसिक रूप से स्वस्थ राहना बहुत जरूरी है क्योंकि मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति कोई जंग नहीं लड़ सकता ।
शहरवासियों को मानसिक बीमारी और स्ट्रेस से निजात दिलाने के उद्देश्य से सामाजिक कार्यकर्ता एवम उत्तर प्रदेश पुलिस सेवा में सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत अनूप मिश्रा ” अपूर्व ” द्वारा कोरोना वैश्विक बीमारी के संकट की इस विकट घड़ी में अनूठी पहल की जा रही है । अनूप मिश्रा अपूर्व ने बताया कि लोगों को घर बैठे मानसिक तनाव से बचाव और उपचार के लिये बाल चौपाल के लक्ष्मण रेखा ग्रुप द्वारा ” स्ट्रेस सॉल्यूशन्स ” नाम से एक मेडिकल हेल्पलाइन की शुरुआत की जा रही है । हेल्पलाइन नंबर 9918317707 से लोग व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल होकर शहर के मशहूर मनोचिकित्सकों द्वारा टेली-कंसल्टेशन के जरिये निःशुल्क परामर्श प्राप्त कर सकते हैं । आवश्यकता अनुसार मनोचिकित्सकों , मनोविज्ञानी और स्ट्रेस मैनेजमेंट के लिये कार्य कर रहे सामाजिक कार्यकर्ताओं की मदद से कॉउंसलिंग भी की जायेगी ।

शहर के मशहूर मनोविशेषज्ञ डा0 शाश्वत सक्सेना , डा0 प्रांजल अग्रवाल ( निदेशक – ) निर्वाण हॉस्पिटल, मानसिक एवं नशा रोग चिकित्सा संस्थान ) के साथ मनोविज्ञानी डा0 आशुतोष श्रीवास्तव , डा0 नताशा दुआ , डा0 मधुबाला , तान्या संजीव संग कई अन्य मनोविशेषज्ञ और मनोविज्ञानी बाल चौपाल की इस मुहिम में शामिल होकर टेली-कंसल्टेशन द्वारा लोगों को परामर्श और स्ट्रेस नियंत्रण के टिप्स देगें । अनूप मिश्रा अपूर्व ने बताया कि इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य लॉक डाउन में घर बैठे लोगों को मानसिक रूप से मजबूत बनाना है ताकि उनमे कोरोना के खिलाफ लड़ने की पाज़िटिव फीलिंग आये । कई योग शिक्षक , फीजियोथेरेपिस्ट और निर्वाण हॉस्पिटल, मानसिक एवं नशा रोग चिकित्सा संस्थान इस मुहिम में साथ है ।
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