
धीरेन्द्र मिश्रा (लखनऊ) :: सड़को पर आए दिन हादसे हो रहे है लेकिन फिर भी इन हादसो को लेकर अधिकारियो के अन्दर गम्भीरता दिखाई नही दे रही है ऐसा ही नजारा थाना मड़ियाव क्षेत्र के भिठौली तिराहे पर देखने को मिला। स्कूली बच्चो को लाने ले जाने के लिए जिस वैन का प्रयोग हो रहा है ना तो उस वैन पर स्कूल का नाम लिखा है और ना ही किसी का नम्बर। खास बात तो यह है कि यह वैन भी प्राइवेट नम्बर की थी यानी अब स्कूली बच्चो को लाने ले जाने का काम प्राइवेट वाहनो से हो रहा है लेकिन इस पर किसी की नजर नही पड़ रही जबकि यह सब खुलेआम चल रहा है विभागीय अधिकारियो से लेकर स्कूल प्रशासन तक ऐसे मामलो पर लापरवाही करते नजर आ रहे है क्योकि वैन स्कूल तक जा रही है तो क्या स्कूल प्रसाशन की नजर इस पर नही पड़ रही है लेकिन सब के सब इसे नजर अन्दाज कर दुर्घटना होने का इन्तजार कर रहे है सूत्रो की माने तो मड़ियाव,जानकीपुरम मे लापरवाही की भरमार है इनपर अधिकारी भी मेहरबान है शायद तभी लम्बे समय तक कोई चेकिंग अभियान भी नही चलाया जाता। जबकि इस पर सख्त निर्देश दिए गए है कि कोई भी स्कूली वाहन ऐसा ना हो जिस पर स्कूल का नाम ना लिखा हो और क्षमता से अधिक बच्चे ना बैठे हो ऐसे वाहनो पर कार्यवाही के भी आदेश हो चुके है लेकिन सारा नियम कानून ठण्डे बस्ते मे दिखाई दे रहा है
- दरभंगा पुलिस की बालमित्र पहल :: सभी 40 थानों में Child Help Desk/Child Corner, DM कौशल कुमार और SSP जगुनाथ रेड्डी ने महिला थाना में फीता काट कर किया उद्घाटन
- दरभंगा में ‘मुस्लिम एलीट्स ऑफ वैशाली’ का विमोचन, प्रोफेसर तरज़ी और सैयद महमूद अहमद करीमी को मिला अलहुदा अवार्ड
- दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन दरभंगा की पहल, सहायक निदेशक आशीष अमन ने लाभुकों को सौंपी ट्राई साइकिल की चाबी
- लहेरियासराय थाना कांड संख्या 529/26 में 5 नामजद आरोपितों पर कार्रवाई, नाबालिग से छेड़खानी मामले का दरभंगा पुलिस ने किया खंडन
- दरभंगा शहर में 16 वर्षीय नाबालिग लड़की से छेड़छाड़, लहेरियासराय थाना कांड संख्या 529/26 दर्ज 3 हफ्ते बीत जाने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं
बच्चो को सुरक्षित रखने के लिए स्वयं जागरूक हो सभी के माता-पिता अपने बच्चो को बहुत ही स्नेह करते है और बहुत ही लाड प्यार से स्कूल भेजते है लेकिन उनकी जरा-जरा सी लापरवाही कभी हाय बनकर रह जाती है आखिर क्या जो वैन बच्चो को लेने घर पर आती है माता-पिता ने उस पर कभी नजर डाली, नही डाली सिर्फ इसलिए क्योकि सबने एक साथ लापरवाही का चोला ओढ़ लिया है स्कूल भेजते समय पैरेन्टस को नजर रखनी चाहिए कि आखिर वैन की क्या स्थिति है जो बच्चो को लेकर जा रही है वैन पर स्कूल का नाम और नम्बर लिखा है कि नही, कितने बच्चे बैठकर जा रहे है इन सब पर गार्जियन को भी जागरूक होना होगा केवल पुलिस प्रशासन और आरटीओ के साथ स्कूल प्रशासन पर दोष मढ़ने से कोई फायदा नही है अगर आपको वैन मे कोई कमी या लापरवाही होती दिखती है तो त्वरित उस पर शिकायत कर एक्शन ले जिससे होने वाली दुर्घटनाओ को रोका जा सके।
(फेसबुक पर Swarnim Times स्वर्णिम टाईम्स लिख कर आप हमारे फेसबुक पेज को सर्च कर लाइक कर सकते हैं। TWITER पर फाॅलों करें। वीडियो के लिए YOUTUBE चैनल को SUBSCRIBE करें)
स्वर्णिम टाईम्स : Swarnim Times आपका अपना इंटरनेट अख़बार !