हरियाणा के Faridabad से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जिसने हर किसी को अंदर तक झकझोर दिया है। सोमवार तड़के हुए इस हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई। पति, पत्नी और उनका 16 वर्षीय बेटा—तीनों एक साथ मौत के मुंह में समा गए। यह हादसा उस समय हुआ जब वे अपने गांव जाने के लिए घर से निकले थे।

जानकारी के मुताबिक यह घटना आई.एम.टी. क्षेत्र की है, जहां यह परिवार किराए के मकान में रहकर मजदूरी करता था। मृतकों की पहचान काशीराम (44), उनकी पत्नी अंगूरी (39) और बेटे विशाल (16) के रूप में हुई है। ये तीनों मूल रूप से Madhya Pradesh के रहने वाले थे और बेहतर आजीविका की तलाश में फरीदाबाद आए थे।
परिवार के करीबी रिश्तेदार घनश्याम ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 4:30 बजे वे सभी घर से निकले थे। उन्हें बल्लभगढ़ बस अड्डे तक पहुंचना था, जहां से उन्हें अपने गांव के लिए बस पकड़नी थी। घनश्याम खुद भी उन्हें ऑटो स्टैंड तक छोड़ने जा रहे थे। सुबह का समय होने के कारण सड़कें अपेक्षाकृत खाली थीं, लेकिन तेज रफ्तार वाहनों का खतरा हमेशा की तरह बना हुआ था।
जब वे आई.एम.टी. चौक के पास हाईवे की ओर बढ़ रहे थे, तभी पीछे से एक तेज रफ्तार कंटेनर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि काशीराम उछलकर दूर जा गिरे और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वहीं उनकी पत्नी और बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए और सड़क पर तड़पते रहे।
घटना के बाद आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में Haryana Police की टीम वहां पहुंची और घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने अंगूरी और विशाल की हालत बेहद गंभीर बताई, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। थोड़ी ही देर बाद दोनों ने भी दम तोड़ दिया।
इस हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जो लोग अपने घर लौटने की उम्मीद में सुबह-सुबह निकले थे, वे अब कभी वापस नहीं लौट पाएंगे। रिश्तेदारों और आसपास के लोगों के लिए यह घटना किसी बड़े सदमे से कम नहीं है।
पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह के अनुसार, इस मामले में कंटेनर चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज कर लिया गया है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि वाहन तेज गति में था और चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिसके कारण यह भीषण हादसा हुआ। फिलहाल आरोपी चालक फरार है और उसकी तलाश जारी है।
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि हादसे की पूरी सच्चाई सामने आ सके। साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसे के समय कंटेनर की गति कितनी थी और चालक की क्या भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर औद्योगिक क्षेत्रों में, जहां भारी वाहनों की आवाजाही अधिक होती है, वहां पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होते। सुबह और रात के समय तेज रफ्तार ट्रकों और कंटेनरों का खतरा और भी बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन द्वारा ठोस कदम नहीं उठाए गए। लोगों ने मांग की है कि यहां स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं, ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ते बनाए जाएं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क हादसों की मुख्य वजह तेज रफ्तार और लापरवाही है। यदि वाहन चालक नियमों का पालन करें और सावधानी बरतें, तो इस तरह की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। साथ ही प्रशासन को भी सड़क सुरक्षा के लिए बेहतर बुनियादी ढांचे की व्यवस्था करनी होगी।
यह हादसा एक कड़वी सच्चाई को उजागर करता है कि रोज़ी-रोटी के लिए दूसरे शहरों में रहने वाले मजदूर किस तरह जोखिम भरी परिस्थितियों में जीवन बिताते हैं। एक छोटी सी लापरवाही उनके पूरे परिवार को खत्म कर सकती है।
फिलहाल Haryana Police इस मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपी चालक की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन इस हादसे ने जो दर्द दिया है, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। यह घटना हर किसी को यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर कब सड़कों पर ऐसी लापरवाही पर लगाम लगेगी और लोगों की जान सुरक्षित रह पाएगी।
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