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उन्नाव में दो जिंदगियां खत्म: मंगेतर की फांसी के बाद युवती ने खाया जहर, ‘लव ट्रायंगल’ और आखिरी कॉल पर टिकी जांच

उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक बेहद दुखद और उलझा हुआ मामला सामने आया है, जहां कुछ ही घंटों के भीतर दो युवाओं की मौत ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। पहले मंगेतर ने फांसी लगाकर जान दी और फिर उसकी मौत के सदमे, आरोपों और सामाजिक दबाव से टूटकर युवती ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने रिश्तों, भरोसे और सामाजिक व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मामला अचलगंज थाना क्षेत्र के मोहद्दीनपुर गांव का है। यहां रहने वाली 22 वर्षीय कोमल ने गुरुवार रात जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल ले गए, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना से पहले उसी दिन उसके मंगेतर सूरज (25) ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।

परिवार के अनुसार, कोमल और सूरज की शादी तय हो चुकी थी। फरवरी महीने में दोनों की गोद भराई की रस्म भी हो गई थी और शादी की तैयारियां चल रही थीं। लेकिन अचानक घटी घटनाओं ने इस रिश्ते को एक दर्दनाक अंत तक पहुंचा दिया।

बताया जा रहा है कि गुरुवार सुबह करीब 11 बजे सूरज ने अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। जब परिवार के लोगों को इसकी जानकारी मिली, तो घर में कोहराम मच गया। सूरज के पिता के मुताबिक, उन्होंने जब घर का दरवाजा खटखटाया तो कोई जवाब नहीं मिला। बाद में छत के रास्ते अंदर जाकर देखा गया तो सूरज का शव फंदे से लटका मिला।

इस घटना के बाद कोमल को जब मंगेतर की मौत की खबर मिली, तो वह पूरी तरह टूट गई। वह बेहोश हो गई और बार-बार सूरज को आखिरी बार देखने की जिद करने लगी। उसके पिता उसे लेकर सूरज के गांव पहुंचे, लेकिन वहां जो हुआ, उसने कोमल को अंदर तक झकझोर दिया।

सूरज के परिजनों ने कोमल को उसकी मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए उस पर आरोप लगाए और उसे काफी अपमानित किया। यहां तक कि उसे सूरज के शव के पास जाने और अंतिम दर्शन करने तक की अनुमति नहीं दी गई। यह घटना कोमल के लिए गहरा आघात साबित हुई।

घर लौटने के बाद भी कोमल का मानसिक संतुलन बिगड़ा हुआ था। रात में उसने कीटनाशक खा लिया। जब उसकी हालत बिगड़ी, तो परिजन उसे अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। इस तरह कुछ ही घंटों के अंतराल में दो परिवारों ने अपने बच्चों को खो दिया।

इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने भी कई अहम बातें सामने रखी हैं। सूरज की मौत का कारण फांसी बताया गया है, जबकि कोमल के शरीर पर डंडे से पिटाई के निशान भी पाए गए हैं। साथ ही उसकी मौत जहर खाने से हुई है। यह खुलासा इस मामले को और गंभीर बना देता है।

हालांकि, कोमल के पिता ने सार्वजनिक रूप से पिटाई की बात स्वीकार नहीं की है, लेकिन स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि सूरज के परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद कोमल को घर में भी प्रताड़ित किया गया था। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।

इस पूरे घटनाक्रम में एक और अहम कड़ी सामने आई है—मोबाइल फोन और आखिरी बातचीत। पुलिस के अनुसार, सूरज ने आत्महत्या करने से पहले करीब एक घंटे तक कोमल से फोन पर बात की थी। यह बातचीत किस विषय पर हुई, इसका खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है, लेकिन जांच का फोकस इसी पर है।

सूरज के पिता का आरोप है कि उनके बेटे के मोबाइल पर कोमल के गांव के किसी युवक द्वारा आपत्तिजनक मैसेज भेजे गए थे। इन मैसेज को लेकर सूरज मानसिक रूप से आहत था। इसी कारण दोनों के बीच लंबी बातचीत हुई और इसके बाद उसने आत्महत्या कर ली।

कोमल के पिता ने बताया कि उसकी बेटी के पास खुद का मोबाइल फोन नहीं था। वह अपने भाई के फोन से ही सूरज से बात करती थी। परिवार वाले उसे ज्यादा देर तक फोन पर बात करने से रोकते थे। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि आखिरी बातचीत के दौरान क्या हुआ था।

पुलिस अब दोनों के मोबाइल फोन की जांच कराने की तैयारी में है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर इस पूरे घटनाक्रम के पीछे क्या कारण थे। क्या यह वास्तव में किसी ‘लव ट्रायंगल’ का मामला था, या फिर केवल गलतफहमी और सामाजिक दबाव ने दो जिंदगियां खत्म कर दीं—यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

थानाध्यक्ष बृजेश शुक्ला के अनुसार, दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से औपचारिक शिकायत (तहरीर) नहीं दी गई है। जैसे ही शिकायत मिलेगी, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि यह समाज के उस पहलू को भी उजागर करती है, जहां रिश्तों में अविश्वास, आरोप-प्रत्यारोप और सामाजिक दबाव किसी की जान तक ले सकता है। खासकर जब युवाओं के रिश्तों में संवाद की कमी और बाहरी हस्तक्षेप बढ़ जाता है, तो हालात और भी बिगड़ सकते हैं।

उन्नाव की यह घटना कई सवाल छोड़ गई है—क्या समय रहते स्थिति को संभाला जा सकता था? क्या दोनों परिवारों को अधिक संवेदनशीलता दिखानी चाहिए थी? और सबसे बड़ा सवाल, क्या एक गलतफहमी ने दो जिंदगियां खत्म कर दीं?

फिलहाल, पुलिस हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है और मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के जरिए सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्ष इस रहस्य से पर्दा उठा सकते हैं।

लेकिन इस दर्दनाक घटना ने एक बात साफ कर दी है—रिश्तों में विश्वास, संवाद और समझदारी बेहद जरूरी है। वरना छोटी-सी बात भी कभी-कभी इतना बड़ा रूप ले लेती है कि उसका परिणाम जीवनभर का पछतावा बन जाता है।

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