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चार महीने बाद फिर उड़ान—हिसार से दिल्ली हवाई सेवा बहाल, 1 मई से बढ़े किराए का असर यात्रियों पर

हरियाणा के हिसार स्थित महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट से एक बार फिर हवाई गतिविधियां तेज होने जा रही हैं। करीब चार महीने के लंबे अंतराल के बाद हिसार-दिल्ली फ्लाइट सेवा दोबारा शुरू होने जा रही है, जिससे क्षेत्र के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। यह सेवा 16 अप्रैल 2026 से फिर से शुरू हो रही है, जबकि 1 मई 2026 से हवाई किरायों में बढ़ोतरी लागू होने वाली है।

यह सेवा पिछले साल 16 दिसंबर 2025 को बंद कर दी गई थी, जिसका मुख्य कारण विंटर सीजन और ऑपरेशनल चुनौतियां बताई गई थीं। अब मौसम में सुधार और यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए इसे दोबारा शुरू करने का फैसला लिया गया है। नई व्यवस्था के तहत यह उड़ान सप्ताह में छह दिन संचालित होगी, जिसमें शनिवार को सेवा उपलब्ध नहीं रहेगी।

इस सेवा के शुरू होने से हिसार और दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी सुविधा होगी। अब उन्हें सड़क या रेल मार्ग पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और वे कम समय में अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे। खासकर बिजनेस और नौकरी पेशा लोगों के लिए यह सेवा बेहद लाभदायक साबित हो सकती है।

हालांकि, इस राहत के साथ यात्रियों को एक झटका भी लगने वाला है। 1 मई 2026 से हवाई किरायों में वृद्धि लागू की जा रही है, जिसका सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ेगा। किराया बढ़ने का मुख्य कारण जेट फ्यूल की कीमतों में भारी इजाफा है।

जानकारी के अनुसार, वित्त मंत्रालय द्वारा जेट फ्यूल की कीमत 29.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 42 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। इस बढ़ोतरी के चलते एयरलाइंस कंपनियों की लागत में काफी इजाफा हुआ है, जिसे संतुलित करने के लिए किराए बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

एलायंस एयर, जो इन उड़ानों का संचालन कर रही है, ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर नए किरायों को अपडेट कर दिया है। ये नए किराए 1 मई और उसके बाद की यात्रा करने वाले यात्रियों पर लागू होंगे। ऐसे में यात्रियों को अब पहले की तुलना में अधिक भुगतान करना पड़ेगा।

हिसार एयरपोर्ट से केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि अन्य शहरों के लिए भी उड़ानें संचालित की जा रही हैं। इनमें जयपुर, अयोध्या और चंडीगढ़ जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं। इन सभी रूट्स पर भी किराए में बढ़ोतरी की गई है और नई दरें मई से लागू होंगी।

नई उड़ान व्यवस्था के अनुसार, इन चारों शहरों के लिए सप्ताह में दो-दो दिन फ्लाइट्स उपलब्ध रहेंगी। इससे यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाने में आसानी होगी और वे अपनी जरूरत के अनुसार उड़ान का चयन कर सकेंगे।

इस पूरे घटनाक्रम में एक और महत्वपूर्ण पहलू है—हिसार एयरपोर्ट को हाल ही में नाइट लैंडिंग की सुविधा के लिए लाइसेंस मिल गया है। 24 फरवरी 2026 को यह लाइसेंस प्रदान किया गया, जो इस एयरपोर्ट के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

हालांकि, अभी इस सुविधा का पूरा लाभ यात्रियों को नहीं मिल पा रहा है। वर्तमान में एयरपोर्ट केवल एक शिफ्ट में संचालित हो रहा है, जिसके कारण शाम 6 बजे के बाद कोई भी फ्लाइट उपलब्ध नहीं है। जैसे ही दूसरी शिफ्ट शुरू होगी, रात के समय भी उड़ानों का संचालन संभव हो जाएगा।

नाइट लैंडिंग की सुविधा शुरू होने से एयरपोर्ट की क्षमता में वृद्धि होगी और अधिक उड़ानों का संचालन किया जा सकेगा। इससे यात्रियों को अधिक विकल्प मिलेंगे और एयरपोर्ट की उपयोगिता भी बढ़ेगी।

हिसार एयरपोर्ट का यह विकास केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा। बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से व्यापार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जिससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे शहरों में हवाई सेवाओं का विस्तार क्षेत्रीय विकास के लिए बेहद जरूरी है। इससे न केवल लोगों की आवाजाही आसान होती है, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलती है।

हालांकि, किराए में बढ़ोतरी एक चुनौती जरूर है, लेकिन इसके बावजूद हवाई यात्रा की सुविधा लोगों के लिए एक बड़ा विकल्प बनी रहेगी। खासकर उन लोगों के लिए, जिन्हें समय की बचत करनी होती है, यह सेवा बेहद उपयोगी है।

यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाएं और किराए की नई दरों को ध्यान में रखते हुए टिकट बुक करें। इससे उन्हें किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सकेगा।

कुल मिलाकर, हिसार से दिल्ली हवाई सेवा का दोबारा शुरू होना एक सकारात्मक कदम है, जो क्षेत्र के लोगों के लिए नई संभावनाएं लेकर आया है। हालांकि, किराए में बढ़ोतरी एक चिंता का विषय है, लेकिन बेहतर कनेक्टिविटी और समय की बचत इस कमी को काफी हद तक पूरा कर सकती है।

आने वाले समय में जब नाइट लैंडिंग की सुविधा पूरी तरह से लागू हो जाएगी और अधिक उड़ानें शुरू होंगी, तब हिसार एयरपोर्ट क्षेत्रीय हवाई नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।

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