पटना (संजय कुमार मुनचुन) : निगरानी की टीम ने एक घूसखोर कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार को गिरफ्तार किया है। खबर के मुताबिक कार्यपालक अभियंता को 16 लाख घूस लेते हुए निगरानी की टीम ने गिरफ्तार किया है। बताया जाता है कि यह कार्यपालक अभियंता कटिहार में पोस्टेड है. निगरानी की टीम ने इनपुट के बाद आज सुबह सुबह एक्जीक्यूटिव इंजीनियर के आवास पर कार्रवाई की है।आपको बता दें कि कटिहार पथ प्रमंडल के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर अरविंद कुमार 83 करोड़ के प्रोजक्ट के लिए 83 लाख की घूस मांग रहा था।
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निगरानी की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की, जिसमें छापेमारी के दौरान इंजीनियर की पत्नी ने कुछ रुपयों के बंडल बाथरूम बंदकर जला दिए और उसे कमोड में डालकर बहा दिया। हालांकि कितने रुपये जलाए गए हैं, इसकी जानकारी नहीं मिली है।
निगरानी की टीम ने पटना के बेली रोड स्थित अंबेडकर पथ के महिमा मंदिर के निकट अपराजिता पार्वती विला अपार्टमेंट में छापेमारी कर कटिहार में पथ निर्माण विभाग में इंजीनियर के पद पर तैनात अरविंद कुमार को 16 लाख रुपये रंगे हाथों घूस लेते गिरफ्तार किया है।

जानकारी के मुताबिक इंजीनियर अरविंद कुमार ने काम देने के बदले में 83 करोड़ रुपये के प्रोजक्ट के लिए 83 लाख रुपये घूस की मांग की थी। जिसमें से आज सुबह प्रोजेक्ट के लिए घूस के तौर पर पहली किस्त के रूप में वह 16 लाख रुपये कैश ले रहा था। इसी दौरान निगरानी की टीम ने उसके घर पर धावा बोला और रंगे हाथ इंजीनियर को घूस लेते गिरफ्तार कर लिया।
वहीं, पटना में छापेमारी के साथ ही पुलिस की एक टीम कटिहार पथ निर्माण विभाग के कार्यालय में पहुंची । टीम ने सभी विभागीय कार्य पर रोक लगा दी। कर्मियों को कार्यालय से बाहर निकलने से रोका गया । उसके कुछ ही देर बाद निगरानी की एक टीम भागलपुर से कटिहार पहुंची है।

कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार ने कटिहार की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी से 80 लाख रुपये के रिश्वत की मांग की थी। रोड मेंटेनेन्स के लिए 200 करोड़ से अधिक का कंस्ट्रक्शन कंपनी को मिला था टेंडर।
पथ निर्माण विभाग के प्रधान लिपिक ने बताया कि मेंटेनेन्स का काम टॉप लाइन कंस्ट्रक्शन कंपनी को मिला था। निविदा ऊषा अग्रवाल के नाम हुआ था। सात वर्ष के मेंटेनेन्स का काम एक अरब से अधिक का बताया गया है। कंस्ट्रक्शन कंपनी एमएलसी अशोक अग्रवाल की पत्नी के नाम बताई गयी है।
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