झांसी में खुद को एक राज्यमंत्री का करीबी रिश्तेदार बताकर युवकों से नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सीपरी बाजार थाना पुलिस ने शुक्रवार को मुख्य आरोपी हितेश शाक्या को दबोच लिया, जो बीते दो वर्षों से पुलिस की पकड़ से बाहर था। हालांकि, इस ठगी गिरोह का सरगना अब भी फरार है।

पुलिस के अनुसार, हितेश शाक्या उर्फ सनी अपने साथी भानु शाक्या के साथ मिलकर एफसीआई में नौकरी लगवाने का झांसा देता था। दोनों खुद को एक राज्यमंत्री का करीबी बताते थे और सचिवालय में मजबूत पकड़ होने का दावा करते थे। इसी भरोसे में आकर कई युवकों ने लाखों रुपये उन्हें सौंप दिए।
शिकायतकर्ता सीपरी बाजार निवासी राजू अहिरवार ने वर्ष 2023 में पुलिस को बताया था कि आरोपियों ने उससे एफसीआई में नौकरी दिलाने के नाम पर करीब दस लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने पीड़ित युवकों को भरोसे में लेने के लिए कानपुर, लखनऊ, आगरा, हरियाणा और उरई में ट्रेनिंग दिलाने के बहाने घुमाया। बाद में झांसी सहित अन्य डिपो में ज्वाइन कराने के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिए गए।
जब युवक निर्धारित डिपो में नौकरी ज्वाइन करने पहुंचे, तब उन्हें ठगी का पता चला। इसके बाद आरोपी मोबाइल बंद कर फरार हो गए। पीड़ितों की शिकायत पर नवाबाद, सीपरी बाजार, प्रेमनगर, कोतवाली और उरई में अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे।
लगातार तलाश के बाद शुक्रवार को पुलिस को सूचना मिली कि हितेश सीपरी बाजार क्षेत्र में मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई में निरीक्षक विनोद कुमार मिश्रा, उपनिरीक्षक निखिल कुमार और दिलीप त्रिपाठी सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
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