उत्तराखंड के देहरादून मार्ग पर बुधवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित होकर कई वाहनों से टकरा गई। यह घटना काली मंदिर के समीप उस वक्त हुई जब सड़क पर सामान्य यातायात चल रहा था। अचानक हुए इस हादसे ने कुछ ही पलों में पूरे इलाके को हड़कंप की स्थिति में पहुंचा दिया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई, लेकिन कई वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उत्तर प्रदेश नंबर की एक कार देहरादून की ओर तेज गति से आ रही थी। जैसे ही यह वाहन काली मंदिर के पास पहुंचा, अचानक चालक का नियंत्रण कार से हट गया। बताया जाता है कि इसी दौरान कार का टायर फट गया, जिससे वाहन असंतुलित होकर दूसरी लेन में चला गया। यह पल इतना अचानक था कि सामने से आ रहे वाहन चालकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
अनियंत्रित कार सबसे पहले राजस्थान नंबर की एक कार से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहनों के अगले हिस्से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इसके बाद पीछे से आ रही दो अन्य कारें भी इस हादसे की चपेट में आ गईं। एक के बाद एक वाहनों की टक्कर ने सड़क पर कुछ देर के लिए भय और अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया।
घटना के दौरान वहां से गुजर रहा एक स्कूटी सवार भी बाल-बाल बच गया। यदि वह कुछ सेकंड पहले वहां से गुजरता तो हादसा और गंभीर हो सकता था। वहीं, राजस्थान से मसूरी घूमने जा रहे पर्यटकों का एक परिवार भी इस घटना का हिस्सा बनते-बनते बच गया। सभी लोग अचानक हुए इस हादसे से काफी डर गए और कुछ देर तक स्थिति को समझ ही नहीं पाए।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सभी प्रभावित वाहन सड़क पर रुक गए और क्षतिग्रस्त हालत में खड़े हो गए। कुछ वाहनों के बोनट बुरी तरह टूट गए, जबकि कुछ में एयरबैग खुल गए। सड़क पर अचानक लगे इस जाम ने अन्य यात्रियों को भी परेशान कर दिया। कुछ ही मिनटों में वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने सबसे पहले स्थिति को नियंत्रित किया और यातायात को डायवर्ट करने की कोशिश की। इसके बाद क्रेन मंगवाकर क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण कुछ समय बाद यातायात फिर से सामान्य हो सका।
इस पूरी घटना का वीडियो भी आसपास मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे एक कार अचानक नियंत्रण खोकर दूसरी लेन में जाती है और एक के बाद एक वाहनों से टकरा जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही आम बात है और इस वजह से कई बार छोटे-बड़े हादसे होते रहते हैं। काली मंदिर क्षेत्र को पहले भी दुर्घटना संभावित क्षेत्र माना जाता रहा है, लेकिन इसके बावजूद यहां गति नियंत्रण के पर्याप्त उपाय नहीं किए गए हैं। लोगों ने प्रशासन से इस क्षेत्र में स्पीड ब्रेकर और सख्त निगरानी की मांग की है।
ऋषिकेश कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक कैलाश चंद्र भट्ट ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि हादसे की मुख्य वजह कार का टायर फटना था। टायर फटने के बाद चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका, जिससे कार अनियंत्रित होकर दूसरी लेन में चली गई और कई वाहनों से टकरा गई।
हालांकि पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। सभी क्षतिग्रस्त वाहनों का निरीक्षण किया जा रहा है और यह देखा जा रहा है कि कहीं किसी अन्य तकनीकी खराबी या लापरवाही की भूमिका तो नहीं रही। पुलिस ने सभी वाहन चालकों से भी पूछताछ शुरू कर दी है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पहाड़ी और व्यस्त मार्गों पर वाहन चलाते समय कितनी सावधानी बरतनी चाहिए। तेज रफ्तार और तकनीकी खराबी मिलकर कितनी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है, यह इस घटना से साफ दिखाई देता है।
गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई और कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। लेकिन वाहन मालिकों को भारी नुकसान हुआ है और कुछ समय के लिए पूरे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित रही।
कुल मिलाकर, दून मार्ग की यह घटना एक चेतावनी है कि सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी और तेज रफ्तार किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है। पुलिस की तत्परता से स्थिति नियंत्रण में आ गई, लेकिन यह घटना भविष्य के लिए सावधानी बरतने का संदेश जरूर छोड़ गई है।
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