नई दिल्ली: इस साल राजधानी दिल्ली में अप्रैल का महीना आम वर्षों से बिल्कुल अलग रहा। जहां आमतौर पर इस समय भीषण गर्मी और लू लोगों को परेशान करती है, वहीं इस बार मौसम ने राहत भरा रूप दिखाया। लगातार हुई बारिश, तेज हवाएं और बदलते मौसम के कारण न केवल तापमान नियंत्रित रहा, बल्कि 16 साल पुराना बारिश का रिकॉर्ड भी टूट गया। इसके साथ ही प्रदूषण के स्तर में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे दिल्लीवासियों को साफ हवा में सांस लेने का मौका मिला।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 30 अप्रैल तक दिल्ली में कुल 27.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से ज्यादा है। इससे पहले अप्रैल महीने में सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड 2015 में बना था, जब 27.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी। इस बार उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित हुआ है। यह बदलाव मौसम के पैटर्न में आ रहे परिवर्तन को भी दर्शाता है।
बारिश के कारण इस बार अप्रैल में गर्मी का असर काफी हद तक कम रहा। पूरे महीने का औसत अधिकतम तापमान करीब 37.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से कम है। आमतौर पर अप्रैल के अंत तक तापमान 40 डिग्री के आसपास पहुंच जाता है, लेकिन इस बार ऐसा देखने को नहीं मिला। लगातार बदलते मौसम और बारिश के चलते गर्मी का असर ज्यादा देर तक टिक नहीं पाया।
दिलचस्प बात यह है कि पूरे महीने में केवल एक दिन ही लू चली, जबकि पिछले साल इसी महीने में तीन दिन तक हीटवेव का असर रहा था। यह अंतर साफ तौर पर दिखाता है कि इस बार मौसम ने दिल्लीवासियों को राहत देने में अहम भूमिका निभाई।
अप्रैल के आखिरी दिनों में मौसम ने कई रूप दिखाए। कुछ दिनों तक तेज गर्मी से लोग परेशान रहे, लेकिन अचानक मौसम बदला और धूलभरी आंधी के साथ बारिश ने राहत पहुंचाई। बृहस्पतिवार को सुबह से तेज धूप और गर्म हवाएं चलीं, जिससे तापमान बढ़ता हुआ महसूस हुआ। लेकिन दोपहर बाद अचानक आसमान में बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ गरज-चमक शुरू हो गई।
कुछ ही देर में झमाझम बारिश होने लगी, जिससे मौसम सुहावना हो गया। दिल्ली के कई हिस्सों में ओले भी गिरे, जो इस समय कम ही देखने को मिलते हैं। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली। उस दिन अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार, 1 और 2 मई को फिर से गर्मी बढ़ने की संभावना है। इन दिनों आसमान साफ रहेगा और तेज धूप निकल सकती है, जिससे तापमान 39 से 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। कुछ जगहों पर यह 42 डिग्री के पार भी जा सकता है।
हालांकि, राहत की बात यह है कि 3, 4 और 5 मई को मौसम एक बार फिर बदल सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से इन दिनों बादल छाए रहने, तेज हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना जताई गई है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को फिर से गर्मी से राहत मिल सकती है।
इस बार अप्रैल में न केवल बारिश ने रिकॉर्ड बनाया, बल्कि हवा की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिला। 30 अप्रैल तक दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 179 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। यह पिछले वर्षों के मुकाबले बेहतर स्थिति को दर्शाता है।
अगर पिछले साल की तुलना करें तो अप्रैल 2025 में औसत AQI 210 था, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं 2024 में यह 182 और 2023 में 180 दर्ज किया गया था। 2022 में तो स्थिति और भी खराब थी, जब AQI 255 तक पहुंच गया था। इस बार के आंकड़े साफ बताते हैं कि हवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।
पूरे महीने में एक दिन हवा ‘संतोषजनक’ श्रेणी में रही, 19 दिन ‘मध्यम’ और 10 दिन ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज किए गए। यह पिछले साल की तुलना में बेहतर स्थिति है, जब अधिक दिनों तक हवा खराब श्रेणी में रही थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस सुधार के पीछे सबसे बड़ा कारण समय से पहले हुई बारिश और तेज हवाएं हैं। मार्च और अप्रैल के बीच हुई प्री-मानसून बारिश ने वातावरण में मौजूद धूल और प्रदूषक कणों को साफ करने में मदद की। तेज हवाओं ने भी इन कणों को फैलाकर उनकी सघनता कम कर दी, जिससे हवा साफ हुई।
एनसीआर के अन्य शहरों की स्थिति पर नजर डालें तो वहां मिश्रित परिणाम देखने को मिले। ग्रेटर नोएडा में AQI 204 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। गाजियाबाद में 212, नोएडा में 184 और गुरुग्राम में 128 AQI दर्ज किया गया। वहीं फरीदाबाद की हवा सबसे बेहतर रही, जहां AQI 124 रिकॉर्ड किया गया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, हवा की दिशा पूर्व से रही और इसकी गति करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटा रही। इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स और मिश्रण गहराई जैसे कारकों ने भी हवा की गुणवत्ता को बेहतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कुल मिलाकर, इस साल अप्रैल का महीना दिल्ली के लिए राहत, बदलाव और संतुलन का प्रतीक बनकर सामने आया। जहां एक ओर रिकॉर्ड तोड़ बारिश ने गर्मी के असर को कम किया, वहीं दूसरी ओर साफ हवा ने लोगों को बेहतर जीवन का अनुभव कराया। आने वाले दिनों में मौसम का रुख कैसा रहेगा, यह देखना दिलचस्प होगा, लेकिन फिलहाल दिल्लीवासियों के लिए यह अप्रैल यादगार बन गया है।
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