उत्तर भारत के मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 27 जनवरी को एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राज्यों में मौसम की स्थिति में बदलाव देखने को मिला। पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया। मौसम विभाग ने बताया कि यह पश्चिमी विक्षोभ 26 से 28 जनवरी तक सक्रिय रहेगा और इसका प्रभाव उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग ढंग से महसूस होगा।

दिल्ली-एनसीआर का मौसम:
दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में आज हुई हल्की से मध्यम बारिश ने वायु गुणवत्ता में सुधार किया है। IMD के अनुसार, कल यानी 28 जनवरी को दिल्ली में मौसम में थोड़ा सुधार होगा, लेकिन पूरी तरह से साफ आसमान नहीं होगा। सुबह के समय मध्यम से घना कोहरा छाया रह सकता है, जो लोगों की दिनचर्या और आवागमन को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, हल्की बूंदाबांदी की संभावना भी बनी हुई है। अधिकतम तापमान 19-20°C के आसपास रहेगा, जबकि न्यूनतम तापमान 9-10°C के बीच रहने का अनुमान है। बारिश और कोहरे के बाद ठंडी हवाओं का चलना भी संभव है।
हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी और अलर्ट:
उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में 28 जनवरी को बर्फबारी और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। IMD ने बिजली गिरने और ओलावृष्टि की चेतावनी भी जारी की है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 27 जनवरी को भारी बर्फबारी हुई। कल 28 जनवरी को इसकी तीव्रता थोड़ी कम हो सकती है, लेकिन रुक-रुक कर बर्फबारी जारी रहेगी। पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले रास्तों की स्थिति अवश्य जांच लें। ऊंचाई वाले इलाकों में हवाओं की गति 40-60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में मौसम की स्थिति:
पश्चिमी विक्षोभ का असर अब पूर्व दिशा की ओर बढ़ रहा है। 28 जनवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगेगा, लेकिन पूर्वी यूपी और बिहार के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। बिहार में IMD ने यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, पंजाब और हरियाणा में बारिश की गतिविधियां कम होंगी, लेकिन नमी के कारण सुबह के समय घना कोहरा छाया रह सकता है।
शीतलहर की वापसी:
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 28 जनवरी के बाद जैसे ही पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ जाएगा, उत्तर-पश्चिमी हवाएं मैदानी इलाकों में बहना शुरू होंगी। इसके परिणामस्वरूप 29 जनवरी से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में न्यूनतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हो सकती है। अगले कुछ दिनों में शीतलहर जैसी स्थिति फिर से बन सकती है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान में 3-5 डिग्री की बढ़ोतरी होगी, लेकिन इसके बाद के दो दिनों में तापमान में 3-5 डिग्री की गिरावट होगी।
अगले कुछ दिनों का पूर्वानुमान:
28 से 31 जनवरी के दौरान पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में शीतलहर चलने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में यह स्थिति 29 से 31 जनवरी तक बनी रह सकती है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में कोहरे और ठंडी हवाओं का सिलसिला जारी रहेगा। मौसम विभाग ने लोगों से आगाह किया है कि वे ठंड और बारिश दोनों के मद्देनजर अपने स्वास्थ्य और सुरक्षा का ध्यान रखें।
निष्कर्ष:
इस बार का पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के मौसम में बड़े बदलाव का कारण बन रहा है। बारिश और बर्फबारी से कुछ राहत मिली है, लेकिन जल्द ही फिर से ठंड अपने पूरे असर में दिख सकती है। लोगों को अपने दिनचर्या और यात्रा की योजनाओं में मौसम की स्थिति का ध्यान रखना आवश्यक होगा।
स्वर्णिम टाईम्स : Swarnim Times आपका अपना इंटरनेट अख़बार !