वाराणसी के प्रतिष्ठित उदय प्रताप कॉलेज में शुक्रवार को जो हुआ, उसने पूरे शहर को दहशत में डाल दिया। जहां छात्र पढ़ाई करने आते हैं, वहीं दिनदहाड़े गोलियों की आवाज गूंजी और एक छात्र की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज वारदात का वीडियो भी सामने आया है, जिसने हर किसी को अंदर तक झकझोर दिया है।

मृतक छात्र सूर्य प्रताप सिंह, बीएससी सेकेंड ईयर का छात्र था। वहीं इस जघन्य हत्या का आरोपी उसी कॉलेज का छात्र मंजीत चौहान है, जिसे पुलिस ने कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दोनों के बीच पहले से ही विवाद चल रहा था, जो इस खौफनाक अंजाम तक पहुंच गया।
घटना उस वक्त हुई, जब कॉलेज में सामान्य दिन की तरह क्लासेस चल रही थीं। अचानक कैंपस में गोलियों की आवाज गूंजी और हर तरफ अफरा-तफरी मच गई। छात्र-छात्राएं अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। देखते ही देखते पूरा परिसर डर और भगदड़ से भर गया।
इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो बेहद डरावना है। वीडियो में देखा जा सकता है कि सूर्य प्रताप खून से लथपथ जमीन पर गिरा हुआ है और आरोपी मंजीत उसके ऊपर चढ़ा हुआ है। वह लगातार उस पर गोली चलाने की कोशिश करता नजर आता है।
हैरान करने वाली बात यह है कि जब उसकी पिस्टल जाम हो जाती है, तो वह बिना घबराए उसे वहीं ठीक करने लगता है, ताकि दोबारा फायर कर सके। इस दौरान आसपास मौजूद छात्र खौफ में चीखते-चिल्लाते नजर आते हैं। एक छात्रा की कांपती हुई आवाज सुनाई देती है— “मर गया न वो…”, जो इस खौफनाक मंजर को और भी भयावह बना देती है।
हत्या की खबर जैसे ही पूरे कॉलेज में फैली, छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित छात्रों ने परिसर में जमकर तोड़फोड़ की और कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया। हालात इतने बिगड़ गए कि कुछ छात्रों ने शिक्षकों पर भी हमला कर दिया। इस दौरान तीन शिक्षक घायल हो गए, जिनमें एक को गंभीर चोट आई।
स्थिति को संभालने के लिए भारी पुलिस बल को मौके पर बुलाना पड़ा। कॉलेज परिसर को पूरी तरह से घेर लिया गया और सुरक्षा के बीच शिक्षकों व स्टाफ को पीछे के गेट से बाहर निकाला गया। काफी मशक्कत के बाद हालात पर काबू पाया जा सका।
इस घटना के बाद छात्रों ने कॉलेज प्रशासन, खासकर प्रिंसिपल धर्मेंद्र सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सूर्य प्रताप की तबीयत खराब थी, फिर भी उसे जबरन ऑफिस बुलाया गया। जैसे ही वह बाहर निकला, आरोपी ने उस पर हमला कर दिया। कुछ छात्रों ने इसे सोची-समझी साजिश तक करार दिया है।
पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। वाराणसी पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के अनुसार, आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। मामले की जांच के लिए छह अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं, जो हर पहलू पर काम कर रही हैं।
फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण सबूत जुटाए हैं। इसके अलावा कॉलेज के सीसीटीवी फुटेज और डीवीआर को भी कब्जे में लिया गया है, ताकि पूरी घटना की सच्चाई सामने लाई जा सके।
प्रारंभिक जांच में यह मामला आपसी रंजिश का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस कॉलेज प्रशासन की भूमिका और सुरक्षा में हुई चूक की भी जांच कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर शैक्षणिक संस्थान कितने सुरक्षित हैं।
फिलहाल पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और लोग इस घटना से स्तब्ध हैं। एक ओर जहां परिवार अपने बेटे को खोने के गम में डूबा है, वहीं दूसरी ओर छात्र और अभिभावक इस बात को लेकर चिंतित हैं कि क्या अब शिक्षा के मंदिर भी सुरक्षित नहीं रह गए हैं।
यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि सिस्टम और सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल है, जिसका जवाब मिलना अभी बाकी है।
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