केंद्रीय बजट के ऐलानों के साथ ही सर्राफा बाजार में जोरदार हलचल देखने को मिली। बजट डे पर सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों में हल्की बेचैनी तो खरीदारों में उत्सुकता साफ नजर आई। एमसीएक्स पर सोना करीब ₹8,097 टूटकर ₹1,41,556 पर आ गया, जबकि चांदी में ₹26,273 की बड़ी गिरावट दर्ज हुई और भाव ₹2,65,652 तक फिसल गए।

बजट के दिन क्यों टूटी चमक?
बजट 2026-27 के दिन वायदा कारोबार में कीमती धातुओं पर दबाव साफ दिखा। जानकारों के मुताबिक, बजट से जुड़ी अनिश्चितता, वैश्विक बाजारों के संकेत और हालिया तेज उछाल के बाद मुनाफावसूली के चलते निवेशकों ने बिकवाली का रास्ता चुना। इसका नतीजा यह रहा कि सोना करीब 5 फीसदी और चांदी लगभग 9 फीसदी तक टूट गई।
चांदी की गिरावट ने चौंकाया
चांदी की चाल सबसे ज्यादा चौंकाने वाली रही। बीते सप्ताह गुरुवार को चांदी ने इतिहास रचते हुए पहली बार ₹4 लाख प्रति किलो का आंकड़ा पार किया था। 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी ₹4,20,048 के लाइफटाइम हाई पर पहुंची थी। लेकिन यह तेजी ज्यादा देर टिक नहीं सकी। अगले ही कारोबारी दिन जोरदार बिकवाली आई और भाव ₹1.28 लाख टूटकर ₹2,91,922 प्रति किलो पर आ गए।
बजट से पहले रविवार को गिरावट और गहरी हो गई। चांदी करीब ₹26,273 या 9 फीसदी से ज्यादा सस्ती होकर ₹2,65,652 प्रति किलो पर आ गई।
सोने का भी बदला मिजाज
सोने की चाल भी कुछ अलग नहीं रही। एमसीएक्स पर 2 अप्रैल एक्सपायरी वाला 24 कैरेट सोना (10 ग्राम) गुरुवार को ₹1,93,096 के ऐतिहासिक उच्च स्तर तक पहुंचा था। इसके बाद मुनाफावसूली शुरू हुई और एक ही दिन में सोना ₹42,247 टूटकर ₹1,50,849 पर आ गया।
रविवार को बजट के दिन कारोबार शुरू होते ही बिकवाली और तेज हो गई। सोना 8.8 फीसदी से ज्यादा फिसलकर करीब ₹13,711 की गिरावट के साथ ₹1,38,634 प्रति 10 ग्राम तक आ गया।
पहले से जताई जा रही थी गिरावट की आशंका
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार बजट रविवार को पेश हुआ, इसलिए कमोडिटी बाजार खुले रहे और निवेशकों की प्रतिक्रिया तुरंत देखने को मिली। पिछले सप्ताह की तेज गिरावट से निवेशकों का सेंटीमेंट पहले ही कमजोर था। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा था कि बजट डे पर सोने-चांदी में भारी बिकवाली देखने को मिल सकती है—और वही हुआ।
आगे क्या संकेत?
विशेषज्ञ मानते हैं कि निकट भविष्य में सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। वैश्विक संकेत, डॉलर की चाल और ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें आगे की दिशा तय करेंगी। हालांकि, इतनी बड़ी गिरावट के बाद लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह स्तर खरीदारी का मौका भी बन सकता है।
निष्कर्ष
बजट के दिन सोने-चांदी की चमक फीकी जरूर पड़ी, लेकिन बाजार की यही खासियत है—जहां गिरावट डर लाती है, वहीं समझदार निवेशकों के लिए नए अवसर भी खोलती है। आने वाले दिनों में नजरें अब वैश्विक संकेतों और घरेलू मांग पर टिकी रहेंगी।
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