हरियाणा में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है, जिससे आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। मौसम विभाग और विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाएं और कहीं-कहीं ओलावृष्टि देखने को मिल सकती है। खासतौर पर पंजाब से सटे जिलों और पश्चिमी हरियाणा में मौसम का असर अधिक दिखाई देने की संभावना है। इस बदलाव के पीछे सक्रिय हो रहा नया पश्चिमी विक्षोभ मुख्य कारण माना जा रहा है।

पिछले कुछ दिनों से हरियाणा का मौसम लगातार अस्थिर बना हुआ है। कभी हल्की बूंदाबांदी तो कभी मध्यम बारिश ने तापमान में गिरावट ला दी है। दिन और रात दोनों के तापमान सामान्य से नीचे चल रहे हैं, जिससे मार्च के अंतिम सप्ताह में भी ठंड का हल्का अहसास बना हुआ है। बीते दो दिनों की बारिश ने वातावरण में नमी का स्तर काफी बढ़ा दिया, जिसके कारण सुबह के समय कई जिलों में घना कोहरा छा गया। हिसार जैसे क्षेत्रों में तो दृश्यता 50 मीटर तक सिमट गई, जिससे सड़क और रेल यातायात भी प्रभावित हुआ।
हालांकि दिन चढ़ने के साथ धूप निकलने पर लोगों को कोहरे से राहत जरूर मिली, लेकिन मौसम की यह आंख-मिचौली अभी खत्म होने वाली नहीं है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले तीन दिनों में एक बार फिर से बादल सक्रिय होंगे और प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर आंधी-अंधड़ के साथ ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसका प्रभाव हरियाणा के मौसम पर भी पड़ेगा। 22 और 23 मार्च के आसपास इस सिस्टम का असर देखने को मिलेगा, जिससे मौसम में अचानक बदलाव आएगा। इस दौरान आसमान में बादल छाए रहेंगे और बीच-बीच में बारिश होती रहेगी। तेज हवाएं चलने से तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।
मौसम में इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ने की आशंका है। इस समय गेहूं की फसल पकने के अंतिम चरण में है, और ऐसे में बारिश या ओलावृष्टि फसल को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। तेज हवाओं के कारण फसल गिर सकती है, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा। किसान पहले ही बदलते मौसम को लेकर चिंतित हैं और अब नए पश्चिमी विक्षोभ की खबर ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि 25 मार्च और उसके बाद 28 मार्च को भी एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकते हैं। इससे मौसम में बार-बार बदलाव देखने को मिलेगा और बारिश के साथ ओलावृष्टि की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं। यदि ऐसा होता है तो गेहूं की फसल को काफी नुकसान हो सकता है, जिससे किसानों की आय पर भी असर पड़ेगा।
दूसरी ओर, मौसम में आई इस नमी और ठंडक ने आम लोगों के दैनिक जीवन को भी प्रभावित किया है। सुबह के समय कोहरे के कारण वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं तापमान में गिरावट के कारण लोग अभी भी हल्के गर्म कपड़े पहनने को मजबूर हैं। मार्च के महीने में इस तरह का मौसम असामान्य माना जाता है, लेकिन बदलते जलवायु पैटर्न के कारण अब ऐसे उतार-चढ़ाव आम होते जा रहे हैं।
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासतौर पर किसानों को अपनी फसल की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया है। जहां संभव हो, वहां फसल को बचाने के उपाय किए जाएं ताकि नुकसान को कम किया जा सके। साथ ही, तेज हवाओं और आंधी के दौरान घर से बाहर निकलने से बचने की भी सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, हरियाणा में आने वाले दिन मौसम के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। जहां एक ओर यह बदलाव गर्मी से थोड़ी राहत दे सकता है, वहीं दूसरी ओर यह किसानों के लिए नई चुनौती भी लेकर आ रहा है। अब यह देखना होगा कि मौसम का यह मिजाज कितने दिनों तक बना रहता है और इसका फसलों पर कितना प्रभाव पड़ता है।
फिलहाल, लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने और सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि प्रकृति का यह बदलता रूप किसी भी समय नई परिस्थितियां पैदा कर सकता है।
स्वर्णिम टाईम्स : Swarnim Times आपका अपना इंटरनेट अख़बार !