आबकारी आयुक्त में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित, 48 घण्टे के भीतर समिति शासन को देगी अपनी रिपोर्ट
लखनऊ ( राज प्रताप सिंह ) : बाराबंकी के रामनगर इलाके में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गम्भीरता से लिया है। उन्होंने तत्काल कई सख्त फैसले लिए हैं। बाराबंकी के जिला आबकारी अधिकारी शिवनाराण दुबे समेत आबकारी व पुलिस विभाग के 12 अधिकारियों-कर्मचारियों को तत्काल निलम्बित कर दिया गया है। पुलिस की लापरवाही के मद्देनजर रामनगर के सीओ पवन कुमार, एसएचओ राजेश कुमार को भी निलम्बित कर दिया गया है। बाराबंकी जिला आबकारी कार्यालय में तैनात आबकारी निरीक्षक रामतीर्थ मौर्य, हेड कांस्टेबिल राम मोहन सिंह, संतोष यादव, मो. सलीम के अलावा आबकारी सिपाही अब्दुल कलाम, दिनेश सिंह, दीपक शुक्ला, रामशब्द चौधरी और सीतादेवी को भी निलंबित किया गया है।

मुख्यमंत्री योगी ने जहरीली शराब पीने से मरे लोगों के परिजनों को को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसी के साथ आबकारी आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति भी गठित की गई है। समिति में अयोध्या मण्डल के आयुक्त और आईजी सदस्य नामित किए गए हैं।
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यह जांच समिति 48 घंटे में अपनी रिपोर्ट शासन को देगी।जांच समिति इस बिन्दु की जांच करेगी कि इस मामले में जहरीली मदिरा की आपूर्ति का स्रोत क्या है? इसकी आपूर्ति के लिए कौन जिम्मेदार है? साथ ही, आबकारी विभाग, पुलिस विभाग व जिला प्रशासन की भूमिका की जांच करते हुए समिति यह तय करेगी कि प्रकरण में कौन-कौन अधिकारी / कर्मचारी संलिप्त हैं?समिति यह भी पता करेगी कि पूर्व में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने हेतु जारी दिशा-निर्देश के किन बिन्दुओं के अनुपालन में शिथिलता बरती गयी है व इस हेतु कौन उत्तरदायी है? उपरोक्त के अलावा घटना के पीछे यदि किसी षडयंत्र की आशंका हो तो उस बिन्दु पर भी समिति जांच कर अपनी आख्या प्रस्तुत करेगी। भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए समिति द्वारा सुझाव प्रस्तुत किये जाएंगे। घटना में बीमार लोगों के समुचित इलाज की व्यवस्था की गई है।
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