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देश खतरे में, एनआरसी से डरा रही सरकार, विपक्ष चुप क्यों – प्रियंका


– आजादी की लड़ाई में कोई योगदान न देने वाले देशभक्त बन कर भय फैला रहे- जनता की आवाज सरकार कायरता से बंद कर रही है
– जब-जब देश में संकट होता है कांग्रेस कार्यकर्ता खड़ा होता है
-पुलिस ने पहले 1090 चौराहे पर फिर पालीटेक्नीक चौराहे और बाद में इंदिरानगर में रोका
-पुलिस से हुई धक्का-मुक्की, नोकझोंक

राज प्रताप सिंह
लखनऊ ब्यूरो।कांग्रेस के 134वें स्थापना दिवस पर पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी ने शनिवार को लखनऊ में जहां केन्द्र-प्रदेश की भाजपा सरकारों पर जमकर हमला बोला। वहीं विपक्षी दलों की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जिन्होंने आजादी के संघर्ष में कोई योगदान नहीं दिया वे देशभक्त बन कर भय फैलाना चाहते हैं।
उधर, देर शाम हिंसा फैलाने के आरोप में गिरफ्तार हुए पूर्व आईजी एसआर दारापुरी व कांग्रेसी नेता सदफ से मिलने जा रहीं प्रियंका गांधी को पुलिस ने बीच रास्ते रोक लिया। पुलिस से उनकी नोकझोंक हुई और कारण पूछने और फिर उनके पैदल ही चल देने के बाद बैकफुट पर आई पुलिस ने उन्हें जाने दिया। वह एसआर दारापुरी के इंदिरानगर स्थित घर पहुंच गईं। प्रियंका ने आरोप लगाए हैं कि पुलिस ने उनके साथ अभद्रता की और धक्का-मुक्की की, वह गिरते गिरते बचीं।


नौजवानों की आ‌वाज दबा रही
कांग्रेस मुख्यालय में हुए कार्यक्रम में प्रियंका ने कहा कि जो भी सरकार के खिलाफ आवाज उठाता है उसकी आवाज बंद कर दी जाती है। संविधान पर वार कर रहे है नौजवान की आवाज दबा रहे है। पार्टी के इतिहास का हवाला देते हुए कार्यकर्ताओं से अहिंसा के रास्ते सरकार की दमनकारी नीतियों का विरोध करने की अपील की। प्रियंका ने प्रदेश कार्यालय में पार्टी का ध्वज फहराने के बाद नेताओं को संविधान की शपथ भी दिलाई।
भाजपा सरकार पर जोरदार हमले
देश में आज वही शक्तियां सरकार चला रही हैं जिनसे हमारी ऐतिहासिक टक्कर रही है। स्वतंत्रता संग्राम में सभी जाति धर्म के लोगों ने भागीदारी की। इस देश की मिट्टी में सभी का खून मिला है। एक दमनकारी विचारधारा है। आज भी हम उसी से लड़ रहे हैं जिससे हम आजादी के समय लड़े थे। सीएए और एनआरसी जैसे असंवैधानिक कानून लाते हैं। उसके नाम पर दमन कर रहे हैं। आवाज उठाने वालों पर सरकार ने कायराना तरीके से आवाज बन्द करने का काम किया है। कायर अपने दुश्मन को हिंसा से डराता है या पीछे हटता है। हिंसा से आवाज दबायी और अब पीछे हट रहे हैं। कह रहे हैं कि एनआरसी की चर्चा नहीं की एनपीआर की बात कर रहे हैं। देश आपको पहचान रहा है। झूठ नहीं सच्चाई चाहिए। यूपी के गांव में किसान रो रहा है। महिलाओं पर अत्याचार कितने ज्यादा बढ़ गए है? उन्नाव की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे मैं बेहद हैरान हूं।
विपक्ष चुप क्यों
कांग्रेस को छोड़कर देश की सभी विपक्षी पार्टियां भाजपा की केंद्र की और उत्तर प्रदेश की सरकार से डर रही हैं। हम तो इनकी हर दमनकारी नीति का जमकर और हर स्तर पर विरोध कर रहे हैं। यूपी में दूसरी विपक्ष की पार्टिया ज्यादा कुछ कह नहीं रही है। वे डर रही है या क्या है मुझे नहीं पता।
कांग्रेसी के दिल में भय की कोई जगह नहीं
सरकार भय और दमन से आवाज दबाना चाहती है। जब-जब दमन और भय से आवाज दबायी जाती है कांग्रेस संघर्ष की चुनौती स्वीकार करती है। भय का माहौल बनाया जाता है तो कार्यकर्ता उठता है। कांग्रेसी के दिल में भय के लिए कोई जगह नहीं। कर्म में हिंसा की जगह नहीं। ऐसा इसलिए है क्योंकि हम अहिंसा की विचारधारा से उपजे हैं। हमारे दिल में अहिंसा- करुणा बसाई गई है। यूपी में महिलाएं डर रही है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए आज प्रदेश में कोई नही है। देश और प्रदेश सरकार के खिलाफ हम आवाज उठाएंगे ये हमारा फर्ज है।

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