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फतेहाबाद में मौत की टक्कर या साजिश? तेज रफ्तार कार की चपेट में आईं मां-बेटी, बुजुर्ग महिला की मौत से भड़का आक्रोश

हरियाणा के फतेहाबाद में एक दिल दहला देने वाली घटना ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे इलाके में डर और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है। बीघड़ रोड स्थित हरनाम सिंह कॉलोनी के पास मंगलवार शाम एक तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे खड़ी मां-बेटी को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में 86 वर्षीय शांति देवी की मौत हो गई, जबकि उनकी बेटी कांता देवी गंभीर रूप से घायल हो गई। लेकिन यह मामला सिर्फ एक सड़क दुर्घटना तक सीमित नहीं है—पीड़ित परिवार इसे रंजिश के तहत की गई साजिश बता रहा है।

मृतका शांति देवी गांव बनगांव की रहने वाली थीं और इन दिनों हरनाम कॉलोनी के पास बनी झुग्गियों में रह रही थीं। उनकी बेटी कांता देवी, जो सिरसा जिले के मोरीवाला गांव की निवासी है, अपनी मां से मिलने आई हुई थी। मंगलवार शाम दोनों रोजमर्रा की तरह सब्जी खरीदने के लिए सड़क किनारे रेहड़ी पर गई थीं। इसी दौरान यह दर्दनाक घटना घटी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक सफेद रंग की कार तेज गति से आई और सीधे मां-बेटी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों महिलाएं उछलकर दूर जा गिरीं। आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही कार चालक मौके से फरार हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने तुरंत घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।

दोनों को फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने शांति देवी को मृत घोषित कर दिया। उनकी बेटी कांता देवी की हालत गंभीर बताई गई और प्राथमिक उपचार के बाद उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। हालांकि परिजन उसे बाद में एक निजी अस्पताल में ले गए, जहां उसका इलाज जारी है। उसकी टांग में गंभीर चोट आई है और डॉक्टर उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

घटना के बाद पीड़ित परिवार ने जो आरोप लगाए हैं, उन्होंने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। परिवार का कहना है कि यह कोई सामान्य हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हमला है। उनका दावा है कि कार चालक ने जानबूझकर दो बार टक्कर मारी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह महिलाओं को नुकसान पहुंचाने की नीयत से आया था।

मृतका के पोते पारसनाथ ने मीडिया के सामने बयान देते हुए कहा कि उनके परिवार की कुछ लोगों से पुरानी रंजिश चल रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उसी दुश्मनी के चलते उनकी दादी को निशाना बनाया गया। पारसनाथ के मुताबिक, कार चालक ने पहले टक्कर मारी और फिर दोबारा गाड़ी चढ़ाई, जिससे यह साफ है कि यह एक साजिश थी, न कि दुर्घटना।

परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि घटना के बाद से आरोपी फरार है, लेकिन पुलिस ने अब तक उसे पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इस बात को लेकर परिवार और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है।

बुधवार को अस्पताल में बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण इकट्ठा हुए और उन्होंने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। परिवार ने साफ चेतावनी दी कि जब तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, वे शांति देवी का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इस घोषणा के बाद प्रशासन पर दबाव और बढ़ गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बीघड़ रोड पर तेज रफ्तार वाहनों का खतरा हमेशा बना रहता है। कई बार यहां हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियंत्रण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। प्रारंभिक जांच में कार की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है, जिसमें रंजिश की संभावना भी शामिल है।

अधिकारियों के अनुसार, यदि यह साबित होता है कि टक्कर जानबूझकर मारी गई थी, तो आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।

इस घटना ने पूरे इलाके में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर दिनदहाड़े इस तरह की घटना कैसे हो सकती है और आरोपी इतनी आसानी से फरार कैसे हो गया। साथ ही यह भी चिंता जताई जा रही है कि यदि यह रंजिश का मामला है, तो आने वाले समय में ऐसी घटनाएं और भी बढ़ सकती हैं।

मृतका शांति देवी के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक ओर उन्होंने अपने परिवार की बुजुर्ग सदस्य को खो दिया, वहीं दूसरी ओर उनकी बेटी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। घर में मातम का माहौल है और हर कोई इस घटना से स्तब्ध है।

यह घटना समाज के सामने कई सवाल छोड़ जाती है। क्या सड़क पर खड़े लोग भी अब सुरक्षित नहीं हैं? क्या व्यक्तिगत रंजिशें इस हद तक पहुंच चुकी हैं कि लोग खुलेआम हत्या जैसे अपराध करने लगे हैं? और सबसे बड़ा सवाल—क्या कानून व्यवस्था इतनी कमजोर हो चुकी है कि आरोपी आसानी से फरार हो जाए?

फिलहाल सभी की निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। यह देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और आरोपी को कब तक गिरफ्तार किया जाता है। लेकिन इतना तय है कि इस घटना ने फतेहाबाद के लोगों के दिलों में डर और आक्रोश दोनों पैदा कर दिए हैं।

यह मामला केवल एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि एक संभावित साजिश के रूप में उभर रहा है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा ही तय करेगी कि यह घटना किस रूप में सामने आती है—दुर्घटना या हत्या।

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