देशभर में मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ली है, जिससे अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग तरह के प्रभाव देखने को मिल रहे हैं। जहां उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और बारिश का सिलसिला जारी है, वहीं मैदानी इलाकों में तेज हवाएं, आंधी और बारिश ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। इस बदलाव के पीछे मुख्य कारण Western Disturbance यानी पश्चिमी विक्षोभ को माना जा रहा है, जो जम्मू क्षेत्र के आसपास सक्रिय है और उत्तर भारत के मौसम को लगातार प्रभावित कर रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार Jammu and Kashmir, Himachal Pradesh और Uttarakhand में लगातार बारिश हो रही है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का दौर जारी है। इससे तापमान में गिरावट आई है और ठंड का असर फिर से बढ़ गया है। 28 और 29 मार्च के दौरान इन क्षेत्रों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि बर्फ और बारिश के कारण सड़कों पर फिसलन बढ़ सकती है।
मैदानी इलाकों की बात करें तो Uttar Pradesh, Punjab, Haryana, Delhi और Rajasthan के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदल रहा है। यहां 28 और 29 मार्च को हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवाएं और आंधी चलने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि 29 और 30 मार्च को बारिश की तीव्रता कुछ इलाकों में बढ़ सकती है। इस दौरान 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे धूल भरी आंधी और अचानक बारिश की स्थिति बन सकती है।
राजधानी Delhi और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम का मिजाज बदलने लगा है। दिन के तापमान में गिरावट और शाम के समय तेज हवाओं के साथ बादल छाने की संभावना है। अचानक मौसम बदलने से लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन तेज हवाओं और बारिश के कारण असुविधा भी हो सकती है।
पूर्वोत्तर भारत में मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय बना हुआ है। Arunachal Pradesh, Assam, Meghalaya, Nagaland, Manipur, Mizoram और Tripura में 30 मार्च तक लगातार बारिश होने का अनुमान है। खासतौर पर Assam और Meghalaya में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं और ओलावृष्टि की भी आशंका है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
पूर्वी भारत के राज्यों Bihar, West Bengal, Jharkhand और Odisha में भी मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। 28 और 29 मार्च के बीच इन क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ ओलावृष्टि और वज्रपात की आशंका जताई गई है। इसका असर खासतौर पर किसानों पर पड़ सकता है, क्योंकि खेतों में खड़ी फसल को नुकसान होने का खतरा बना हुआ है।
दक्षिण भारत में मौसम अपेक्षाकृत शांत है, लेकिन यहां भी कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। Andhra Pradesh, Telangana और Karnataka में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है। वहीं Kerala और माहे क्षेत्र में गर्म और उमस भरा मौसम बना रहेगा, जिससे लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
तेज हवाओं और ओलावृष्टि का असर केवल मौसम तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका सीधा प्रभाव जनजीवन पर भी पड़ता है। 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं पेड़ों की शाखाओं को तोड़ सकती हैं और कई बार बड़े पेड़ भी उखड़ सकते हैं। इससे बिजली की लाइनें और संचार व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। कई जगहों पर बिजली आपूर्ति बाधित होने और इंटरनेट सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका भी जताई गई है।
किसानों के लिए यह मौसम खास तौर पर चिंता का कारण है। ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण गेहूं, सरसों और अन्य फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। केले और पपीते जैसी कमजोर फसलें इस तरह के मौसम में ज्यादा प्रभावित होती हैं। ऐसे में किसानों को अपनी फसल की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की सलाह दी गई है।
मध्य भारत के क्षेत्रों Madhya Pradesh, Chhattisgarh और विदर्भ क्षेत्र में भी हल्की बारिश और गरज के साथ बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि यहां मौसम ज्यादा तीव्र नहीं रहेगा, लेकिन तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है।
बदलते मौसम के इस दौर में सतर्क रहना बेहद जरूरी है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि तेज आंधी, बिजली गिरने और भारी बारिश के दौरान खुले में न निकलें। पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें, खासकर उन इलाकों में जहां बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं।
कुल मिलाकर, 28 से 30 मार्च के बीच देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम अस्थिर बना रहेगा। कहीं बारिश, कहीं बर्फबारी, तो कहीं ओलावृष्टि और तेज हवाएं देखने को मिलेंगी। ऐसे में जरूरी है कि लोग मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखें और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
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