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पश्चिम एशिया संकट का असर: कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर 195.50 रुपये महंगा, घरेलू उपभोक्ताओं को राहत

देश में एक बार फिर महंगाई का असर देखने को मिला है, जहां कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी की गई है। सरकारी तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले वाणिज्यिक सिलिंडर के दाम में 195.50 रुपये की वृद्धि कर दी है। इस बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की कीमत बढ़कर 2,078.50 रुपये हो गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि घरेलू गैस सिलिंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।

यह वृद्धि ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में जारी तनाव और संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है, जिसका सीधा प्रभाव एलपीजी के दामों पर पड़ा है। ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं में बाधा आने के कारण तेल की कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब हाल के महीनों में कमर्शियल गैस के दाम बढ़े हैं। इससे पहले एक मार्च को भी 19 किलो वाले सिलिंडर की कीमत में 114.50 रुपये की वृद्धि की गई थी। लगातार हो रही इस बढ़ोतरी से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और छोटे उद्योगों पर आर्थिक दबाव बढ़ना तय है, क्योंकि ये व्यवसाय मुख्य रूप से कमर्शियल गैस सिलिंडर पर निर्भर रहते हैं।

दूसरी ओर, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कुछ राहत बनी हुई है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे पहले सात मार्च को घरेलू गैस सिलिंडर की कीमत में 60 रुपये की वृद्धि की गई थी, जिसके बाद दिल्ली में इसकी कीमत 913 रुपये हो गई थी। सरकार ने फिलहाल आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने से बचने के लिए घरेलू दरों को स्थिर रखा है।

एलपीजी और अन्य ईंधनों की कीमतें हर महीने की पहली तारीख को संशोधित की जाती हैं। यह संशोधन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम, विनिमय दर और अन्य आर्थिक कारकों के आधार पर किया जाता है। देश की प्रमुख तेल कंपनियां—इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम—इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कीमतों में बदलाव करती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के चलते आने वाले समय में ऊर्जा कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसका असर न केवल एलपीजी बल्कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

हालांकि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पिछले साल मार्च में सरकार द्वारा 2 रुपये प्रति लीटर की कटौती के बाद से इनकी दरें स्थिर बनी हुई हैं। वर्तमान में दिल्ली में पेट्रोल 94.72 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.62 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है।

कमर्शियल गैस की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम जनता पर भी पड़ सकता है। होटल और रेस्टोरेंट में खाने-पीने की चीजें महंगी हो सकती हैं, जिससे उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसके अलावा छोटे उद्योग और व्यवसाय, जो पहले से ही बढ़ती लागत से जूझ रहे हैं, उनके लिए यह स्थिति और चुनौतीपूर्ण बन सकती है।

आर्थिक जानकारों का कहना है कि सरकार को इस स्थिति पर नजर बनाए रखनी होगी और जरूरत पड़ने पर राहत उपायों पर विचार करना होगा। खासकर छोटे व्यापारियों और मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए नीतिगत कदम उठाना जरूरी हो सकता है।

कुल मिलाकर, कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की कीमत में यह बढ़ोतरी वैश्विक परिस्थितियों का सीधा परिणाम है। जहां एक ओर अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर घरेलू स्तर पर सरकार संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रही है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वैश्विक हालात किस दिशा में जाते हैं और उनका असर भारतीय उपभोक्ताओं पर कितना पड़ता है।

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