डेस्क : बिहार के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने के आसार हैं। हर महीने मीटर रेंट के नाम पर पैसा भुगतान कर रहे उपभोक्ताओं को इससे निजात मिल सकती है। एक अप्रैल से लागू होने वाली नई बिजली दर तय कर रहा बिहार विद्युत विनियामक आयोग इस पर गंभीरता से काम कर रहा है। इसकी पूरी संभावना है कि इस बार नई दर में उपभोक्ताओं से हर महीने वसूले जा रहे मीटर रेंट से मुक्ति मिल जाए।
- दरभंगा पुलिस की बालमित्र पहल :: सभी 40 थानों में Child Help Desk/Child Corner, DM कौशल कुमार और SSP जगुनाथ रेड्डी ने महिला थाना में फीता काट कर किया उद्घाटन
- दरभंगा में ‘मुस्लिम एलीट्स ऑफ वैशाली’ का विमोचन, प्रोफेसर तरज़ी और सैयद महमूद अहमद करीमी को मिला अलहुदा अवार्ड
- दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन दरभंगा की पहल, सहायक निदेशक आशीष अमन ने लाभुकों को सौंपी ट्राई साइकिल की चाबी
- लहेरियासराय थाना कांड संख्या 529/26 में 5 नामजद आरोपितों पर कार्रवाई, नाबालिग से छेड़खानी मामले का दरभंगा पुलिस ने किया खंडन
- दरभंगा शहर में 16 वर्षीय नाबालिग लड़की से छेड़छाड़, लहेरियासराय थाना कांड संख्या 529/26 दर्ज 3 हफ्ते बीत जाने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं

आयोग बना रहा है यह आधार
आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी का तर्क है कि बिजली कंपनी मीटर की खरीद थोक भाव में करती है जिससे उसे काफी कम पैसे खर्च होते हैं। जबकि कंपनी उपभोक्ताओं से अनंत काल तक मीटर के नाम पर पैसे वसूल करती रहती है। आयोग यह व्यवस्था देगा कि कंपनी चाहे तो वह नए कनेक्शन के समय ही उपभोक्ताओं से एकमुश्त राशि ले, ताकि लोगों के लिए वह आर्थिक बोझ साबित न हो।

हर साल करोड़ों की वसूली
बिहार में अभी एक करोड़ 58 लाख से अधिक उपभोक्ता हैं। कंपनी हर महीने मीटर के नाम पर अगर एक रुपये की भी वसूली करती है तो वह हर महीने डेढ़ करोड़ से अधिक और सालाना 18 करोड़ से अधिक की वसूली कर रही है, जबकि मीटर रेंट के नाम पर 50 रुपये से लेकर एक हजार तक की वसूली हो रही है।
स्वर्णिम टाईम्स : Swarnim Times आपका अपना इंटरनेट अख़बार !