दरभंगा : जीविका के दरभंगा जिला कार्यक्रम प्रबंधक मुकेश तिवारी सुधांशु द्वारा बताया गया है कि इस जिला के 14 प्रखंडों में कुल 2131 लाभार्थियों को ग्राम संगठनों के माध्यम से दो दो हज़ार रूपये की आर्थिक मदद प्रदान किया गया है.
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बताया गया कि जीविका द्वारा संचालित सतत जीविकोपार्जन योजना के तहत कोरोना महामारी से बचाव एवं परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए जिले के 14 प्रखंडों में योजना से जुड़ी महिलाओं को ग्राम संगठन के माध्यम से ₹2000 की नगद राशि प्रदान की जा रही है, जिससे वे कोरोना महामारी के दौरान उत्पन्न विषम परिस्थितियों का सामना कर सके।

जिला परियोजना प्रबंधक ने बताया कि राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई के निर्देश पर सभी सतत जीविकोपार्जन लाभार्थी को महामारी से उपजे संकट का सामना करने के लिए तत्काल ₹2000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है , कुल 2131 लाभार्थियों को ग्राम संगठन के माध्यम से यह राशि प्रदान की जा चुकी है जिसमें सदर प्रखंड में 416, बहेरी में 520, कुशेश्वरस्थान में 325 ,बिरौल में 412, अलीनगर में 119 , बहादुरपुर में 57, हनुमान नगर में 53, घनश्यामपुर में 58, किरतपुर में 13 ,जाले में 55, सिंघवारा में 53, बेनीपुर में 24, केवटी में 25 एवं तारडीह 1 लाभार्थी शामिल हैं.

विदित हो कि सतत जीविकोपार्जन योजना बिहार सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है जिसके तहत जिले के अत्यंत निर्धन परिवारों को जीविका ग्राम संगठन के माध्यम से आजीविका स्रोतों से जोड़ा जा रहा है ताकि ऐसे निर्धन परिवार समाज की मुख्यधारा में शामिल हो सके । एस जे वाई के तहत वैसे परिवारों का चयन किया जाता है जिनकी मासिक आय ₹3000 से भी कम है, परिवार में कोई पुरुष कमाऊ सदस्य नहीं है ,उनका निधन हो चुका है या और कोई अन्य विषम परिस्थिति है. इस योजना के अंतर्गत प्राथमिक रूप से वैसे परिवारों का चयन किया गया है जो बिहार में शराबबंदी से प्रभावित हुए हैं, देसी शराब और ताड़ी के उत्पादन तथा बिक्री में पारंपरिक रूप से जुड़े परिवार जिनकी राज्य में शराबबंदी के बाद आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई है ।
सतत जीविकोपार्जन योजना के माध्यम से निर्धन परिवारों के साथ ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य समुदायों के लक्षित अत्यंत निर्धन परिवारों को लाभ प्रदान किया जाता है.
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