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चार दिवसीय डॉ.उर्मिलेश स्मृति उत्सव का समापन

बदायूं।डॉ.उर्मिलेश जन-चेतना समिति द्वारा डॉ. उर्मिलेश स्मृति उत्सव के तीसरे दिन शाम को आयोजित नाट्य मंचन अंधा युग़ तथा रात्रि में आयोजित भांगड़ा एवं म्यूजिकल नाइट में सिंगर मुनि रमन तथा पंजाब के लोक कलाकारों के द्वारा विभिन्न प्रकार की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने धमाल मचा दिया।उत्सव के तीसरे दिन सांय 6 बजे मानसी अभिनय गुरुकुल, सहारनपुर की ओर से धर्मवीर भारती लिखित अंधा युग नाटक का मंचन हुआ। योगेश पवार ने नाटक का निर्देशन किया। इस नाटक को भारत में सबसे ज्यादा बार मंचित किए जाने का गौरव प्राप्त है। इस नाटक की प्रासंगिकता आज भी ज्यों की त्यो है।

विश्व युद्ध के बाद युद्ध विभीषिका को ध्यान में रखकर महाभारत के युद्ध को माध्यम बनाकर इस नाटक की रचना की गई। लेखक धर्मवीर भारती ने इस नाटक के एक-एक संवाद को सशक्त बनाया है। अश्वथामा  नाटक का मुख्य पात्र है। उसके माध्यम से आज के आंतकवाद को देख सकते हैं। वहीं सोच, वही बर्बरता। आज की युवा पीढ़ी के समय इस नाटक का मंचन करने कारण यही है कि उनको पता चले कि किसी कालजई रचना का किस प्रकार हिस्सा बन जाता है।

इस नाटक को नये क्लेवर में मंचित करने का प्रयास किया गया है। इस नाटक में रंगकर्मी मोहित कश्यप, साहिल शोएब,रवि, फसिंह खान, योगेश, राकेश, कार्तिकेय चावला,रवि किरन, चंदन, धीरत बत्ररा, नितिन आदि ने अपने-अपने पात्र की भूमिका का बहुत ही शानदार ढंग से अभिनय किया। पात्रों की प्रस्तुति पर उपस्थित दर्शक वाह वाह कर उठे।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक प्रेमस्वरुप पाठक रहे,अध्यक्षता अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य मनोज मसीह ने की, विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत सदस्य धीरज सक्सेना रहे।

समिति की ओर से सभी का सम्मान किया गया। इस अवसर पर पूर्व विधायक प्रेमस्वरुप पाठक ने डॉ. उर्मिलेश को श्रद्धांजलि देते हुये आयोजन में भारतीय संस्कृति को अक्षुण्य बनाये रखने हेतु किये जा रहे प्रयास की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।  संचालन रविन्द्र मोहन सक्सेना ने किया। रात्रि में आयोजित भांगड़ा एवं म्यूजिकल नाइट में बायस आफ इंडिया सिंगर मुनि रमन एवं पंजाब के लोक कलाकारों के द्वारा विभिन्न प्रकार की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रस्तुत कर समां बांध दिया। दिल्ली से आयीं एंकर सोनी कुकरेजा ने अपने संचालन से श्रोताओं को खूब लुभाया। सिंगर मुनि रमन ने वालीबुड के अनेक सुप्रसिद्ध गीत प्रस्तुत कर लोगों को लुभाया।

कार्यक्रम में पंजाब से आये लोक कलाकारों ने पंजाब के अनेक लोक नृत्य प्रस्तुत किये गये, जिन पर दर्षक झूम उठे, कलाकारों की प्रस्तुति इतनी लाजबाब थी, कि अतिथि और समिति सदस्य भी नृत्य के लिए मजबूर हो उठे। कार्यक्रम में देर रात्रि मुख्य अतिथि नगर विकास राज्यमंत्री महेश चन्द्र गुप्ता भी पंहुचे। समिति द्वारा उनका सम्मान किया गया। इस अवसर पर राज्यमंत्री महेश चन्द्र गुप्ता ने इस आयोजन को बदायूं को सर्वश्रेष्ठ सांस्कृतिक मंच कहते हुये आयोजन समिति के प्रयास की सराहना की।

उनके द्वारा कलाकारों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर आयोजन में भा.ज.पा. जिलाध्यक्ष अशोक भारतीय, शारदेन्दु पाठक, सुधीर श्रीवास्तव, ज्योति मेंहदीरत्ता, देवेन्द्र कुमार मिनोचा, सुरेन्द्र मल्होत्रा, डा. सचिन गुप्ता, नरेन्द्र दुआ, मंजुल शंखधार, पुनीत कष्यप,इजहार अहमद,अशोक सक्सेना, इकबाल असलम, डॉ. श्रीकान्त मिश्रा आदि उपस्थित रहे।डॉ. उर्मिलेश स्मृति उत्सव के चौथे व समापन दिवस रविवार को लोकनृत्य एकल प्रतियोगिता में बच्चों ने विविध सांस्कृतिक नृत्यों के माध्यम से भारतीय संस्कृति के विभिन्न दृश्यों को प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उ. प्र. वाणिज्य कर सलाहकार समिति के पूर्व सदस्य रजनीश कुमार गुप्ता एवं विशिष्ट अतिथि बी.आई.एम.टी.के प्रबन्ध निदेशक मुकेश रस्तोगी उपस्थित रहे। आयोजन समिति के सदस्यों द्वारा उनका सम्मान किया गया। डा. उर्मिलेश उत्सव समिति के सचिव डा. अक्षत अशेष ने सभी का अभार व्यक्त किया।  प्रतियोगिता के निर्णायक ब्रोनिका स्पेन्सर, मुरादाबाद के पंकज दर्पण एवं नवीन सक्सेना रहे।

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