
गया। जिले के रहने वाले आशुतोष प्रकाश उर्फ बाबू ने कतर को सबसे तेज गति से पार करके गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है। आशुतोष प्रकाश उर्फ बाबू गया शहर के रामसागर रोड स्थित नादरागंज मोहल्ले के रहने वाले हैं।
आशुतोष प्रकाश उर्फ बाबू ने वर्ग में कतर को पैदल सबसे तेज गति से पार करने का गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम किया है। उन्होंने बताया कि 30 घंटे 31 मिनट 32 सेकेंड में कतर देश के उत्तर से दक्षिण दिशा तक 191.7 किलोमीटर की दूरी तय कर गिनीज बुक में अपना नाम दर्ज किया है।
रक्षाबंधन के मौके पर गया पहुंचने के बाद डीएम डा. त्याग राजन एसएम एवं एसएसपी आशीष भारती ने आशुतोष प्रकाश को सम्मानित करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

आशुतोष प्रकाश गया शहर के नादरागंज मोहल्ले की तंग गलियों में रहकर पढ़ाई करते थे। जिला स्कूल से मैट्रिक पास करने के बाद उन्होंने उड़िसा से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। उसके बाद एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने कोलकाता चले गए।

आशुतोष प्रकाश उर्फ बाबू ने बताया कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी होने के बाद आशुतोष जेट एयरवेज में टेक्नीशियन के पद पर नौकरी करना शुरू किया। 2011 में राष्ट्रीय एयरलाइन के साथ काम करने कतर चले गए, जहां उन्होंने दौड़ना शुरू किया। कोरोना काल के दौरान आशुतोष ने लंबी दौड़ शुरू किया था। उसी क्रम में आशुतोष ने अपने जीवन में लंबी दौड़ शुरू कर दिया। पहले 10 कलोमीटर दौड़े, फिर 20 किलोमीटर, उसके बाद 25 से 30 किलोमीटर की दौड़ की। वहीं गया के आशुतोष ने एक मार्च 2024 को 30 घंटे 31 मिनट और 32 सेकेंड में अपना टारगेट पूरा कर उपलब्धि हासिल किया। आशुतोष 14 साल से कतर में रह रहे हैं। इससे पूर्व आशुतोष दुबई से कतर तक 739.5 किलोमीटर की दूरी 11 दिन 17 घंटे में पूरा किया था।
आशुतोष प्रकाश उर्फ बाबू तीन भाई और तीन बहनें हैं। बाबू भाई और बहनों में सबसे छोटे हैं। बड़ा भाई ब्रहम अविनाशी प्रकाश सिन्हा उर्फ मुनमुन बिहार पुलिस में दरोगा के पद पर पदस्थापित है, जबकि दूसरे भाई प्राइवेट कंपनी में कार्यरत हैं। बाबू ने बताया कि अगला टारगेट कनाटा के सीमा को पार करना है यानी वह अब सात हजार पांच सौ किलोमीटर पार कर फिर से गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने की तैयारी में जुटे हैं।

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