पटना (संजय कुमार मुनचुन) : जन अधिकार छात्र परिषद ने काला पट्टी बांध कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राज्यव्यापी विरोध किया। कोटा सहित बिहार से बाहर फंसे बिहारी छात्रों को वापस बुलाने के लिए एवं जन अधिकार छात्र परिषद के ग्रिफ्तार रिहा कराने के लिए आज जन अधिकार छात्र परिषद द्वारा काला पट्टी बांध सरकार का विरोध किया गया।
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जन अधिकार छात्र परिषद के प्रदेश अध्यक्ष ई विशाल कुमार ने कहा कि प्रदेश की सरकार कोरोना जैसी विपदा के समय कोटा सहित अन्य राज्यो में फंसे छात्र मजदूरों को भगवान भरोसे छोड़ दिया है,छात्र मजदुरो को वापस बुलाने के लिए सरकार द्वारा कोई पहल नही किया जाना निंदनीय है कल पटना यूनिवर्सिटी मुख्यद्वार पर जन अधिकार छात्र परिषद के सदस्यों द्वारा सोशल डिस्टनसिंग का पालन कर सरकार से कोटा में फंसे छात्रों की मांग कर रहे थे तो पुलिस द्वारा उन्हें बेउर जेल भेजा जाना शर्मनाक है।

विशाल ने यह भी कहा कि एक तरफ सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है और दूसरी तरफ बिहार के नागरिक भगवान भरोसे अपने अपने घरों में बैठे हैं,राशन और पैसा खत्म होने से घर से दूर रहे छात्र-मजदूर दहशत में है।कोरोना से पहले वो भूख से न मरे ये सोचकर वे मनिसिक तानांव में जी रहे हैं,उनकी आवाज सरकार यदि उनके मांगो को नही मानती है तो जन अधिकार छात्र परिषद के सदस्यों को सड़क पर आना मजबूरी है।

जन अधिकार छात्र परिषद के उपाध्यक्ष आलोक सिन्हा ने कहा कि यदि सरकार हमारे साथियो को नही छोड़ती है, एवं कोटा से छात्रों को नही लाती है तो हमारा आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
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