डेस्क : कोरोना वारियर्स के रूप में बनी पुलिस की छवि धूमिल करने वाले बिहार के नवादा जिले के दो पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया गया। एसपी के आदेश के बाद दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया व उनके विरुद्ध जबरन अवैध वसूली करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है।
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मामला जिले के सीतामढ़ी ओपी से जुड़ा है। गिरफ्तार पुलिसकर्मियों में जमादार रामाधार प्रसाद यादव व जिला पुलिसबल का सिपाही नंबर 86 भूपेन्द्र यादव शामिल हैं। दोनों सीतामढ़ी ओपी में पदस्थापित हैं। इनके विरुद्ध दोपहिया वाहनों के चालकों से वाहन जांच के दौरान अवैध रूप से पांच-पांच सौ रुपये वसूली करने के आरोप हैं।
मामले की वीडियो के शनिवार की शाम वायरल होने के बाद नवादा के एसपी हरि प्रसाथ एस ने संज्ञान लिया व रजौली एसडीपीओ को जांच के आदेश दिये। एसडीपीओ संजय कुमार द्वारा जांच में आरोप के सही पाये जाने पर एसपी के आदेश पर तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों के विरुद्ध शनिवार की रात सीतामढ़ी एसएचओ शिशुपाल द्वारा जबरन अवैध वसूली के मामले में नरहट/सीतामढ़ी कांड संख्या 74/2020 दर्ज करायी गयी।

जानकारी के मुताबिक, लॉकडाउन में दोनों पुलिसकर्मी वाहन जांच के नाम पर सिविल ड्रेस (टी शर्ट व हॉफ पैंट) में दोपहिया वाहनों के चालकों को धमका कर जबरन वसूली कर रहे थे। इसकी वायरल हुई वीडियो में एक पुलिसकर्मी खुद को थाने का छोटा बाबू बता रहा है। साथ ही रुपये लेने के बाद अपना मोबाइल नंबर भी चालकों को देकर आश्वस्त करता है कि रास्ते में यदि कहीं किसी ने रोका तो मेरे से इस नंबर पर बात करा देना। प्रथम दृष्टया पुलिसिया जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि वीडियो सीतामढ़ी- मेसकौर मार्ग पर एक सुनसान जगह की है। वीडियो संभवत: 24 अप्रैल की बतायी जाती है। परंतु इसे 25 अप्रैल को वायरल को किया गया। बहरहाल, एसपी ने दोनों पुलिसकर्मियों को जेल भेजने के आदेश दिये हैं।
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