दरभंगा, 20 जून। आम जनता की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान के उद्देश्य से जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जनता के दरबार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों से आए लोगों ने अपनी समस्याओं एवं शिकायतों को जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया। जिलाधिकारी ने प्रत्येक परिवादी की समस्याओं को गंभीरता, संवेदनशीलता एवं धैर्यपूर्वक सुना तथा कई मामलों का मौके पर ही त्वरित निष्पादन किया!

जनता दरबार में कुल 35 से अधिक परिवादी उपस्थित हुए, जिनमें 33 आवेदन ऑनलाइन माध्यम से तथा 5 आवेदन ऑफलाइन माध्यम से प्राप्त हुए। प्राप्त शिकायतों में मुख्य रूप से राजस्व, भूमि विवाद, सामाजिक सुरक्षा, लोक शिकायत, पारिवारिक विवाद, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन तथा विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याएं शामिल थीं।
जिलाधिकारी कौशल कुमार ने जनता दरबार में प्राप्त कई मामलों का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया। वहीं जिन मामलों में विस्तृत जांच अथवा विभागीय स्तर पर कार्रवाई की आवश्यकता थी, उन्हें संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को अग्रसारित करते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर जांच कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता दरबार में आने वाली शिकायतें प्रशासन के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता की श्रेणी में हैं और इनके निष्पादन में किसी प्रकार की लापरवाही या विलंब स्वीकार्य नहीं होगा।
जनता दरबार के दौरान जिलाधिकारी ने कई मामलों में स्वयं संबंधित अधिकारियों से दूरभाष पर बातचीत कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा शिकायतों के शीघ्र निष्पादन के लिए स्पष्ट आदेश जारी किए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रत्येक आवेदन की निष्पक्ष एवं गंभीरता से जांच की जाए तथा पात्र मामलों में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि बिहार सरकार की प्राथमिकता आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। जनता दरबार इसी उद्देश्य की पूर्ति का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, जहां नागरिक सीधे जिला प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएं रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन और जनता के बीच संवाद एवं विश्वास को मजबूत बनाने में जनता दरबार की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने सभी विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनता से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और जवाबदेही का परिचय दें। आम लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए सभी अधिकारी अपने स्तर से सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रशासनिक दायित्व है।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि जिन मामलों का समाधान कर दिया जाए, उसकी सूचना संबंधित परिवादियों को मोबाइल फोन अथवा अन्य उपयुक्त माध्यमों से उपलब्ध कराई जाए ताकि उन्हें अपने आवेदन की स्थिति की जानकारी समय पर प्राप्त हो सके। इससे प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों का विश्वास भी मजबूत होगा।
जनता दरबार के दौरान बड़ी संख्या में भूमि एवं राजस्व विभाग से संबंधित मामले सामने आए। कई परिवादियों ने दाखिल-खारिज, भूमि मापी, अतिक्रमण, सीमांकन तथा अन्य राजस्व संबंधी समस्याओं को लेकर आवेदन प्रस्तुत किए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन किया जाए तथा अनावश्यक विलंब से बचा जाए।
इसके अतिरिक्त सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, पेंशन, आवास योजना, राशन कार्ड, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े मामलों पर भी सुनवाई की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध हो तथा किसी भी स्तर पर उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े।
जनता दरबार में पारिवारिक एवं सामाजिक विवादों से जुड़े कुछ मामले भी सामने आए। जिलाधिकारी ने ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल शिकायतों का निस्तारण करना नहीं, बल्कि लोगों की समस्याओं का स्थायी एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि जनता दरबार में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए तथा उसके निष्पादन की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान की प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और लंबित मामलों की समीक्षा स्वयं जिला प्रशासन द्वारा की जाएगी।
जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा कि सुशासन की अवधारणा तभी सफल हो सकती है जब प्रशासन आम लोगों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहे और समयबद्ध तरीके से उनका समाधान करे। उन्होंने कहा कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस दिशा में जिला प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने कार्यालयों में आने वाले नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करें तथा उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनें। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि शिकायतों का समाधान निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाए।
जनता दरबार के माध्यम से जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों को अपनी समस्याएं सीधे जिलाधिकारी के समक्ष रखने का अवसर मिला, जिससे उनमें संतोष एवं विश्वास का भाव देखने को मिला। कई परिवादियों ने मौके पर ही अपनी समस्याओं के समाधान होने पर जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
जनता दरबार में अपर समाहर्ता (राजस्व) मनोज कुमार, अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) राकेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने प्राप्त शिकायतों के समाधान हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया।
जिला प्रशासन द्वारा आयोजित यह जनता दरबार कार्यक्रम प्रशासन और आम जनता के बीच संवाद का एक प्रभावी मंच साबित हुआ, जहां लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके समाधान की दिशा में त्वरित एवं ठोस कदम उठाए गए। जिला प्रशासन ने पुनः यह स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध एवं पारदर्शी समाधान उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।
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