लाडवा (कुरुक्षेत्र): हरियाणा के लाडवा कस्बे में ज्वेलर्स की दुकान पर हुई लूट की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। वारदात को नौ दिन गुजर चुके हैं, लेकिन अब तक पुलिस किसी भी आरोपी तक नहीं पहुंच पाई है। इस देरी से न केवल पीड़ित परिवार में निराशा है, बल्कि स्थानीय व्यापारियों में भी असुरक्षा की भावना गहराती जा रही है।

पीड़ित ज्वेलर सुकल्प सिंगल के अनुसार, यह घटना उनके जीवन की सबसे भयावह घटनाओं में से एक है। उन्होंने बताया कि उस रात वे रोज की तरह अपनी दुकान बंद करने की तैयारी कर रहे थे। समय करीब 8:50 बजे का था और बाजार में भीड़ धीरे-धीरे कम हो रही थी। तभी अचानक एक नकाबपोश युवक उनकी दुकान में घुस आया और कुछ समझ पाते उससे पहले ही हालात बदल गए।
बदमाश ने आते ही सुकल्प को जोर से धक्का दिया और उन्हें दुकान के अंदर बने कमरे में ले गया। वहां उसने पिस्तौल निकालकर सीधे उनके माथे पर तान दी। इस दौरान उसने सुकल्प के साथ मारपीट भी की, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है, लेकिन मानसिक रूप से वे अभी भी उस सदमे से उबर नहीं पाए हैं।
सुकल्प ने बताया कि बदमाश बेहद आत्मविश्वास के साथ काम कर रहा था, जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि उसने पहले से दुकान की पूरी रेकी की हुई थी। उसे यह भी पता था कि दुकान बंद होने का समय कब होता है और कब अंदर कम लोग मौजूद रहते हैं।
लूट के दौरान बदमाश ने सुकल्प के हाथों से सोने और हीरे की दो अंगूठियां उतरवा लीं। इसके अलावा उसने उनकी जेब से पर्स भी छीन लिया, जिसमें करीब दो हजार रुपये नकद थे। पीड़ित के अनुसार, इनमें से एक डायमंड रिंग उनकी सगाई की निशानी थी, जो उनके लिए भावनात्मक रूप से बेहद खास थी।
घटना में एक और आरोपी भी शामिल था, जो दुकान के बाहर गली में बाइक पर इंतजार कर रहा था। उसने भी अपना चेहरा ढका हुआ था। जैसे ही अंदर मौजूद बदमाश लूट को अंजाम देकर बाहर निकला, दोनों आरोपी तुरंत बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, अब तक पुलिस को कोई ठोस सफलता नहीं मिली है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने पुलिस को हर संभव सहयोग दिया है, लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई में तेजी नजर नहीं आ रही है। इससे वे काफी निराश हैं। उनका कहना है कि अगर जल्द ही आरोपियों को नहीं पकड़ा गया, तो यह उनके लिए और ज्यादा खतरनाक हो सकता है।
परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के बाद से उन्हें सोशल मीडिया पर धमकी भरे संदेश मिल रहे हैं। हालांकि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है, लेकिन इससे परिवार की चिंता और बढ़ गई है। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है।
इस घटना के बाद लाडवा के अन्य व्यापारियों में भी भय का माहौल बन गया है। ज्वेलर्स और दुकानदारों का कहना है कि अगर इस तरह की घटनाएं लगातार होती रहीं, तो व्यापार करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने प्रशासन से बाजार में सुरक्षा बढ़ाने और नियमित पुलिस गश्त सुनिश्चित करने की मांग की है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला गंभीर है और जांच में कोई ढिलाई नहीं बरती जा रही है। उन्होंने बताया कि अलग-अलग टीमों को आरोपियों की तलाश में लगाया गया है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
फिलहाल, पीड़ित परिवार को न्याय का इंतजार है। वे चाहते हैं कि आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और उन्हें सख्त सजा मिले, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
लाडवा की यह घटना केवल एक लूट की वारदात नहीं है, बल्कि यह स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को भी उजागर करती है। अब यह देखना होगा कि पुलिस इस मामले को कितनी जल्दी सुलझा पाती है और लोगों का भरोसा फिर से कायम कर पाती है या नहीं।
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