हरियाणा के यमुनानगर में पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ ने इलाके में हड़कंप मचा दिया। इस कार्रवाई में पुलिस ने एक शातिर अपराधी को गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपी का संबंध कुख्यात काला राणा गैंग से बताया जा रहा है और वह हाल ही में हुई फायरिंग की घटना में शामिल था।

जानकारी के अनुसार, 22 अप्रैल 2026 को सुबह-सुबह रादौर क्षेत्र के भूरे का माजरा गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई थी, जब अज्ञात बदमाशों ने एक पूर्व सरपंच के घर को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। अचानक हुई इस वारदात से गांव के लोग दहशत में आ गए थे। फायरिंग के दौरान कई राउंड गोलियां चलाई गईं और हमलावर मौके से फरार हो गए।
इस गंभीर घटना के बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। अलग-अलग टीमों का गठन कर आसपास के इलाकों में छापेमारी की गई। पुलिस लगातार तकनीकी और गुप्त सूचनाओं के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही थी।
इसी बीच पुलिस को एक अहम सूचना मिली कि इस वारदात में शामिल एक आरोपी अमन, थाना छप्पर क्षेत्र के कूलपुर गांव के पास मौजूद है और किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत इलाके की घेराबंदी कर दी और आरोपी को पकड़ने की योजना बनाई।
जब पुलिस आरोपी के करीब पहुंची, तो उसने खुद को घिरता देख फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। दोनों तरफ से करीब 15 राउंड फायरिंग हुई, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
मुठभेड़ के दौरान पुलिस की एक गोली आरोपी अमन के बाएं पैर में जा लगी। गोली लगते ही वह घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस ने तुरंत मौके का फायदा उठाते हुए उसे काबू में कर लिया और गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद घायल आरोपी को इलाज के लिए यमुनानगर के सिविल अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अमन पानीपत का रहने वाला है और उसका नाम पहले भी कई आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है। वह काला राणा गैंग से जुड़ा हुआ है, जो क्षेत्र में कई आपराधिक गतिविधियों के लिए कुख्यात है।
पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोटरसाइकिल, एक अवैध पिस्तौल और कुछ जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। यह बरामदगी इस बात की ओर इशारा करती है कि आरोपी किसी और बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में था। हालांकि पुलिस की सतर्कता और तत्परता के कारण उसकी योजना सफल नहीं हो पाई।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अमन उन तीन बदमाशों में शामिल था, जिन्होंने पूर्व सरपंच के घर पर फायरिंग की थी। पुलिस अब उससे गहन पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस हमले के पीछे असली मकसद क्या था और इसमें शामिल अन्य आरोपी कौन-कौन हैं।
पुलिस का कहना है कि इस गैंग के अन्य सदस्य अभी फरार हैं और उन्हें पकड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए आसपास के जिलों में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है और संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा रही है।
इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। पुलिस लगातार गश्त कर रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। स्थानीय लोगों से भी सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई है।
मुठभेड़ की इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं, लेकिन पुलिस भी पूरी मुस्तैदी से उनका सामना कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल इस पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आएंगी। आने वाले समय में इस गैंग से जुड़े और भी खुलासे हो सकते हैं, जिससे क्षेत्र में अपराध पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।
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