दरभंगा : बहादुरपुर थानाक्षेत्र के पतोर ओपी अध्यक्ष की अनुसंधान में बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। अनुसंधानक द्वारा गांजा तस्करी के आरोपी काराधीन अभियुक्त के बिरुद्ध आरोप पत्र/अंतिम प्रपत्र ससमय आदालत में दाखिल नही करने पर अदालत से अभियुक्त को जमानत मिल गई है।
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बताते चलें कि पतोर ओपी अध्यक्ष ने छापामारी कर हरेराम सिंह के घर से 1 किलो 200 ग्राम गांजा बरामद किया था ।स्वंय की तहरीर पर आरोपी अभियुक्त के बिरुद्ध एनडीपीएस ऐक्ट की धारा 20 और 22 के तहत बहादुरपुर थानाकांड सं.127/20 दर्ज कराने के बाद 8 मार्च 20 को आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। कानूनी प्रावधान के अनुसार अनुसंधानक को 60 दिनों के अन्दर इस केश का अनुसंधान पुराकर आरोपपत्र/अंतिम प्रपत्र अदालत में दाखिल करना था। लेकिन अनुसंधानक ओपी अध्यक्ष ने ऐसा नही किया।

लॉक डाउन के दौरान काराधीन अभियुक्त के अधिवक्ता कमरे आलम खां ने सत्र अदालत में इस केश के जीओ वाद सं.8/20 में ई- फाईलिंग के माध्यम से काराधीन आरोपी की ओर से दप्रसं की धारा 167(2) के तहत आवेदन दाखिल करते हुए वीडियो कन्फ्रेसिंग के द्वारा वहश किया। वकील ने अनुसंधानक द्वारा 60 दिनों के अन्दर आरोपपत्र नही दाखिल करने का हवाला देते हुए दप्रसं की धारा 167(2) का लाभ देते हुए काराधीन आरोपी को मुक्त करने की गुजारिश न्यायालय से किया।अदालत ने सम्यक जांचोपरांत अधिवक्ता की दलील से सहमति ब्यक्त करते हुए आरोपी के आवेदन को स्वीकृत करते हुए दस-दस हजार के दो बंधपत्र जमा करने की शर्त पर जमानत पर रिहा करने का आदेश पारित किया है।वहीं इस आदेश की प्रतिलिपि एसएसपी दरभंगा को भेजने का आदेश कार्यालय लिपिक को दिया है।
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