हरियाणा सरकार ने पशुपालकों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए पूरे राज्य में विशेष पशु टीकाकरण अभियान शुरू करने की घोषणा की है। यह अभियान 11 मई 2026 से शुरू होगा और एक महीने तक जारी रहेगा। इस दौरान राज्यभर में गायों और भैंसों को खुरपका-मुंहपका तथा डिस्टमपर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए मुफ्त वैक्सीन लगाई जाएगी।

पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि सरकार पशुधन की सुरक्षा को लेकर लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में पशुपालन लाखों परिवारों की आय का मुख्य साधन है। ऐसे में पशुओं को बीमारियों से बचाना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि कई बार बीमारी फैलने से पशुओं की मौत हो जाती है और दूध उत्पादन में भारी गिरावट आती है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। सरकार इस नुकसान को रोकने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चला रही है।
इस अभियान के तहत पशुपालकों को किसी सरकारी अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। विभाग की विशेष टीमें गांवों और घरों तक जाकर पशुओं को टीके लगाएंगी। इससे किसानों का समय और पैसा दोनों बचेंगे।
सरकार ने यह भी घोषणा की है कि यह सुविधा पूरी तरह निशुल्क रहेगी। किसी भी पशुपालक से टीकाकरण के लिए पैसा नहीं लिया जाएगा। सरकार चाहती है कि हर पात्र पशु तक यह सुविधा पहुंचे।
पशुपालन विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया ने बताया कि चार महीने से अधिक उम्र के सभी पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले अलग-अलग बीमारियों के लिए अलग टीके लगाए जाते थे, लेकिन अब संयुक्त वैक्सीन का उपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा देश का पहला राज्य बन गया है जिसने इस नई व्यवस्था को अपनाया है। इससे पशुओं को कम परेशानी होगी और टीकाकरण प्रक्रिया भी आसान बनेगी।
विभाग के महानिदेशक डॉ. प्रेम सिंह ने बताया कि वैक्सीन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए विशेष कोल्ड चेन सिस्टम तैयार किया गया है। आइस लाइन रेफ्रिजरेटर के जरिए टीकों को सुरक्षित तापमान में रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि पशुपालकों का सहयोग इस अभियान की सफलता के लिए बेहद जरूरी है। यदि समय पर टीकाकरण कराया जाए तो पशुओं को गंभीर बीमारियों से आसानी से बचाया जा सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार खुरपका-मुंहपका रोग तेजी से फैलने वाला वायरस संक्रमण है। इस बीमारी में पशुओं के मुंह और पैरों में छाले हो जाते हैं, जिससे वे खाना-पीना बंद कर देते हैं। इसका सीधा असर दूध उत्पादन पर पड़ता है।
सरकार का मानना है कि इस अभियान से न केवल पशुधन सुरक्षित होगा बल्कि राज्य की डेयरी अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। हरियाणा में बड़ी संख्या में लोग पशुपालन से जुड़े हैं और यह अभियान उनके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
पशुपालकों को सलाह दी गई है कि जब विभाग की टीम उनके गांव पहुंचे तो वे अपने सभी पात्र पशुओं का टीकाकरण जरूर करवाएं। किसी भी जानकारी के लिए नजदीकी सरकारी पशु अस्पताल या डिस्पेंसरी से संपर्क किया जा सकता है।
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