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पुड़िया-बंदी :: बिहार में अब पान-मसाला बैन, नीतीश सरकार का फरमान आज ही से लागू

डेस्क : बिहार में पान मसाला के उत्पादन, बिक्री, भंडारण और वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गयी है। राज्य के खाद्य संरक्षा आयुक्त ने जन स्वास्थ्य के हित में जिन पान मसालों पर प्रतिबंध लगाया है, उनमें रजनीगंधा, राज निवास, सुप्रीम पान पराग, पान पराग, बहार, बाहुबली, राजश्री, रौनक, सिग्नेचर, पैसन, कमला पसंद और मधु पान मसाला शामिल हैं। प्रतिबंध लगाये जाने की सूचना सूबे के सभी जिलाधिकारी, आरक्षी अधीक्षक, प्रमंडलीय आयुक्त और सिविल सर्जनों को दिये जाने के साथ इसे प्रभावी तरीके से लागू करने का निर्देश दिया गया है।

बिहार में अब पान मसाला खाने वाले लोगों के लिए बुरी खबर है। शराबबंदी के बाद अब राज्य में पान मसाला पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है, जो आज से ही लागू होगा। फिलहाल यह प्रतिबंध 12 महीने के लिए लगाया गया है।

बिहार सरकार ने कहा है कि भारतीय संविधान के अनुसार राज्य सरकार अपने लोगों को पोषाहार स्तर और जीवन स्तर को ऊंचा करने और जन स्वास्थ्य के सुधार करने हेतु स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पदार्थों के उपभोग को प्रतिबंधित कर सकती है।

GHARSHA

विगत 05 जुलाई 2019 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आहूत उच्चस्तरीय बैठक में दिए गए निर्देश के आलोक में खाद्य संरक्षा आयुक्त ने राज्य के विभिन्न ब्रांड के पान मसाला पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह प्रतिबंध विभिन्न जिलों से प्राप्त पान मसाला के नमूनों के जांच में मैग्निशियम कार्बोनेट की मात्रा पाए जाने के कारण लगाई गई है।

विदित हो कि मैग्निशियम कार्बोनेट से हृदय संबंधित बीमारियों सहित विभिन्न प्रकार की परेशानियां होती हैं।

पान मसाला के लिए फूड सेफ्टी एक्ट 2006 में दिए गए मानक के मुताबिक मैग्नीशियम कार्बोनेट मिलाया जाना प्रतिबंधित है। अतः जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह प्रतिबंध फिलहाल एक वर्ष के लिए लगाया गया है।

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