हरियाणा के फतेहाबाद जिले के कुम्हारिया गांव के एक युवक की यूक्रेन युद्ध में मौत हो जाने से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। मृतक अंकित जांगड़ा को कथित तौर पर रूस की सेना में जबरन भर्ती कर लिया गया था और उसे युद्ध के मोर्चे पर भेज दिया गया, जहां उसकी जान चली गई। इस खबर ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

परिवार के अनुसार, अंकित अपने दोस्त विजय पूनिया के साथ विदेश गया था। दोनों को बेहतर नौकरी और अच्छी कमाई का सपना दिखाया गया था, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उन्हें ऐसी परिस्थितियों में डाल दिया गया, जहां से निकलना उनके लिए मुश्किल हो गया। आरोप है कि दोनों को जबरन सैन्य सेवा में लगा दिया गया।
सबसे चिंताजनक बात यह रही कि 11 सितंबर 2025 के बाद से दोनों युवकों का अपने घरवालों से कोई संपर्क नहीं हो पाया। इस दौरान परिवार लगातार परेशान रहा और उन्होंने अपने स्तर पर हर संभव कोशिश की कि किसी तरह अपने बच्चों से संपर्क हो सके।
कुछ समय पहले दोनों युवकों ने वीडियो के जरिए अपनी आपबीती सुनाई थी। उन वीडियो में उन्होंने बताया था कि वे युद्ध के बीच फंसे हुए हैं और अपनी जान बचाने के लिए मदद की गुहार लगा रहे हैं। इसके बाद परिवार ने सरकारी दफ्तरों और दूतावासों के चक्कर भी लगाए, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।
शुक्रवार रात को अंकित की मौत की खबर जैसे ही परिवार तक पहुंची, घर में मातम छा गया। शनिवार सुबह परिजन दिल्ली के लिए रवाना हो गए, जहां अंकित का शव लाया गया है। परिवार अब अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा है।
वहीं, विजय पूनिया के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है, जिससे उसके परिवार की चिंता और बढ़ गई है। वे लगातार सरकार से मांग कर रहे हैं कि विजय को खोजा जाए और उसे सुरक्षित वापस लाया जाए।
यह घटना उन युवाओं के लिए एक सबक है जो विदेश में नौकरी के लालच में बिना पूरी जानकारी के चले जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में सतर्कता और सही जांच बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं से बचा जा सके।
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