गुरुग्राम में नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस और प्रशासन ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। इस बार निशाने पर एक ऐसा तस्कर था, जिसने अवैध कारोबार से न केवल करोड़ों रुपये कमाए, बल्कि उसी पैसे से एक आलीशान पांच मंजिला इमारत भी खड़ी कर ली थी। लेकिन कानून की पकड़ से वह बच नहीं सका और आखिरकार उसकी यह इमारत बुलडोजर की भेंट चढ़ गई।

यह पूरा मामला गुरुग्राम के सेक्टर-40 थाना क्षेत्र के कन्हई गांव से जुड़ा हुआ है। यहां रहने वाले सतपाल उर्फ इलियास की पहचान एक सक्रिय नशा तस्कर के रूप में की गई थी। पुलिस के अनुसार, वह साल 2020 से लगातार गांजा तस्करी में लिप्त था और अलग-अलग राज्यों से गांजा लाकर हरियाणा में उसकी सप्लाई करता था।
सतपाल का नेटवर्क काफी फैल चुका था और वह लंबे समय से इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहा था। पुलिस रिकॉर्ड में उसके खिलाफ कुल सात मामले दर्ज हैं, जिनमें ज्यादातर केस नशा तस्करी से संबंधित हैं। वह कई बार गिरफ्तार भी हो चुका है और जेल की हवा खा चुका है, लेकिन इसके बावजूद उसने अपने काम को नहीं छोड़ा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल, सिकंदरपुर की टीम ने इस पर विशेष नजर रखनी शुरू की। लगातार निगरानी और जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले। इसी दौरान यह भी सामने आया कि सतपाल ने नशे के कारोबार से भारी रकम जुटाकर कन्हई गांव में “राधा रानी” नाम से एक पांच मंजिला पीजी भवन तैयार किया है।
यह इमारत देखने में एक सामान्य पीजी की तरह थी, जहां लोग किराए पर रहते थे, लेकिन पुलिस को शक था कि इसका इस्तेमाल अवैध गतिविधियों के लिए भी किया जा रहा है। जांच में यह साफ हो गया कि इस भवन का निर्माण पूरी तरह से नशा तस्करी से अर्जित धन से किया गया है।
इसके बाद पुलिस ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर इस अवैध संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला लिया। सभी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद इमारत को ध्वस्त करने की योजना बनाई गई।
निर्धारित दिन पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर की मदद से इस पांच मंजिला इमारत को गिरा दिया गया। कार्रवाई के दौरान इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। किसी भी तरह की अव्यवस्था या विरोध को रोकने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क रही।
इस पूरी कार्रवाई को देखने के लिए आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में जमा हो गए। कई लोग इस कदम का समर्थन करते नजर आए। उनका कहना था कि नशा तस्करी जैसे अपराध समाज को बर्बाद कर रहे हैं और ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है।
स्थानीय निवासियों ने यह भी कहा कि इस तरह की कार्रवाई से युवाओं को गलत रास्ते पर जाने से रोका जा सकता है। नशे का कारोबार केवल अपराध नहीं, बल्कि समाज के भविष्य के लिए भी खतरा है। ऐसे में प्रशासन का यह कदम सराहनीय है।
पुलिस अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि नशा तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। जो भी व्यक्ति इस अवैध कारोबार में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि उसकी अवैध संपत्ति को भी जब्त या ध्वस्त किया जाएगा।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य केवल सजा देना नहीं, बल्कि समाज में एक मजबूत संदेश देना भी है। जब अपराधियों को यह पता होगा कि उनकी अवैध कमाई से बनाई गई संपत्ति भी सुरक्षित नहीं है, तो वे इस तरह के काम करने से पहले कई बार सोचेंगे।
गौरतलब है कि हरियाणा समेत देश के कई हिस्सों में नशा तस्करी एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। खासकर युवाओं में नशे की लत तेजी से बढ़ रही है, जो चिंता का विषय है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस और प्रशासन ने अब इस पर सख्ती बढ़ा दी है।
गुरुग्राम में हुई यह कार्रवाई उसी दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। इससे यह साफ हो गया है कि अब प्रशासन केवल छोटे स्तर पर नहीं, बल्कि बड़े नेटवर्क को भी खत्म करने की दिशा में काम कर रहा है।
इस घटना ने यह भी साबित कर दिया है कि चाहे कोई व्यक्ति कितना भी चालाक या प्रभावशाली क्यों न हो, कानून से बच पाना संभव नहीं है। गलत तरीके से कमाई गई संपत्ति अंततः नष्ट हो ही जाती है।
अंत में कहा जा सकता है कि गुरुग्राम में नशा तस्कर की इमारत को ध्वस्त करने की यह कार्रवाई समाज के लिए एक मजबूत संदेश है। यह न केवल अपराधियों के लिए चेतावनी है, बल्कि आम जनता के लिए भी एक भरोसा है कि कानून अपना काम पूरी सख्ती और ईमानदारी से कर रहा है।
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