हरियाणा के नूंह जिले से मंगलवार सुबह एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई, जिसने पुलिस महकमे के साथ-साथ आम लोगों को भी झकझोर कर रख दिया। अपहरण के एक मामले में कार्रवाई करने निकली उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम रास्ते में ही भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गई। इस दुर्घटना में चार पुलिसकर्मियों और एक वादी की मौके पर ही मौत हो गई।

मिली जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के उरई कोतवाली क्षेत्र से एक पुलिस टीम अपहरण के मामले की जांच के सिलसिले में हरियाणा गई थी। इस टीम में चौकी प्रभारी समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। उनके साथ केस से जुड़ा वादी भी मौजूद था, जो आरोपियों की पहचान और ठिकाने के बारे में जानकारी दे रहा था।
मंगलवार सुबह यह टीम केएमपी एक्सप्रेसवे पर पहुंची। बताया जा रहा है कि तावड़ू सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत धुलावट टोल प्लाजा के पास उनकी स्कॉर्पियो गाड़ी तेज रफ्तार में थी। इसी दौरान चालक ने एक अन्य वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश की, लेकिन अचानक गाड़ी का संतुलन बिगड़ गया।
देखते ही देखते गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी।
हालांकि, दुर्घटना इतनी भीषण थी कि उसमें सवार पांचों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जब तक राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचा, तब तक किसी को बचाया नहीं जा सका था।
इस हादसे की खबर मिलते ही पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। जिन पुलिसकर्मियों की मौत हुई, वे अपने कर्तव्य का पालन करते हुए इस मिशन पर निकले थे। उनकी असामयिक मृत्यु ने न केवल उनके परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है, बल्कि पूरे विभाग को भी स्तब्ध कर दिया है।
घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर यह माना जा रहा है कि तेज रफ्तार और ओवरटेकिंग के दौरान वाहन का नियंत्रण खोना हादसे की मुख्य वजह बना।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाए। साथ ही, उन्होंने इस हादसे की जांच कराने की भी बात कही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
पुलिस अधिकारियों ने भी इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि यह टीम एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन के तहत हरियाणा गई थी। उन्होंने कहा कि मृतक पुलिसकर्मी बेहद समर्पित और कर्तव्यनिष्ठ थे, जो अपने काम को पूरी जिम्मेदारी के साथ निभा रहे थे।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार से वाहन चलाना और ओवरटेकिंग के दौरान सावधानी न बरतना अक्सर ऐसी दुर्घटनाओं का कारण बनता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ड्राइविंग के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे में बदल सकती है।
स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर दुख जताया है। उनका कहना है कि एक्सप्रेसवे पर लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद लोग तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने से बाज नहीं आते। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि सड़क सुरक्षा के नियमों को और सख्ती से लागू किया जाए।
इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले पुलिसकर्मी अपने परिवारों के लिए ही नहीं, बल्कि समाज के लिए भी एक बड़ी क्षति हैं। वे लोग कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं और कई बार अपनी जान की परवाह किए बिना ड्यूटी निभाते हैं।
इस घटना ने यह भी दिखाया कि कर्तव्य की राह पर चलने वाले लोग कितने जोखिम उठाते हैं। एक तरफ वे अपराधियों को पकड़ने के लिए निकलते हैं, वहीं दूसरी तरफ खुद उनकी जान पर खतरा बना रहता है।
अंत में, यह हादसा एक गहरी सीख देता है कि सड़क पर सुरक्षा नियमों का पालन करना कितना जरूरी है। चाहे कोई कितना भी जरूरी काम क्यों न हो, सुरक्षित ड्राइविंग को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
नूंह में हुआ यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक त्रासदी है, जिसने पांच जिंदगियों को हमेशा के लिए खत्म कर दिया। यह घटना लंबे समय तक लोगों के दिलों में दर्द और सबक दोनों के रूप में याद रखी जाएगी।
स्वर्णिम टाईम्स : Swarnim Times आपका अपना इंटरनेट अख़बार !