दिल्ली के वसंत कुंज साउथ इलाके में बुधवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां 62 वर्षीय महिला ने आठवीं मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। यह दर्दनाक घटना सरस्वती अपार्टमेंट की है, जिसने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरी सोसाइटी को गहरे सदमे में डाल दिया है। महिला की पहचान चित्रा कपूर के रूप में हुई है, जो अपने परिवार के साथ इसी अपार्टमेंट की तीसरी मंजिल पर रहती थीं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना के समय चित्रा कपूर के पति, बेटा और बेटी घर में ही मौजूद थे और सो रहे थे। किसी को इस बात का अंदेशा तक नहीं था कि घर के भीतर इतनी बड़ी अनहोनी घटने वाली है। सुबह के वक्त अचानक तेज आवाज सुनकर जब परिजन और आसपास के लोग बाहर निकले तो नीचे का मंजर देखकर सभी के होश उड़ गए। महिला का शव खून से लथपथ हालत में पड़ा था और सिर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था। मौके पर ही उनकी मौत हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके को घेरकर जांच शुरू की गई। क्राइम टीम और फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीमों को भी बुलाया गया, जिन्होंने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है।
CCTV फुटेज में कैद पूरी घटना
पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि पूरी घटना सोसाइटी में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। फुटेज में साफ देखा गया कि चित्रा कपूर अपने तीसरी मंजिल के फ्लैट से बाहर निकलती हैं और लिफ्ट या सीढ़ियों के जरिए सीधे आठवीं मंजिल तक जाती हैं। कुछ देर बाद वह ऊपर से नीचे छलांग लगाती नजर आती हैं। पुलिस उपायुक्त अमित गोयल के अनुसार, अभी तक जांच में किसी तरह की जबरदस्ती या संदिग्ध गतिविधि के संकेत नहीं मिले हैं। शुरुआती तौर पर मामला आत्महत्या का ही प्रतीत हो रहा है।
परिवार और पुलिस की पूछताछ जारी
पुलिस आत्महत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए हर पहलू से जांच कर रही है। परिजनों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है ताकि यह समझा जा सके कि हाल के दिनों में महिला किसी मानसिक तनाव, बीमारी या पारिवारिक परेशानी से जूझ रही थीं या नहीं। इसके साथ ही पुलिस महिला के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। फिलहाल घटनास्थल या महिला के कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे आत्महत्या के कारण और भी रहस्यमय बने हुए हैं।
सोसाइटी में पसरा मातम
चित्रा कपूर की मौत की खबर फैलते ही सरस्वती और नर्मदा अपार्टमेंट में शोक की लहर दौड़ गई। पड़ोसियों का कहना है कि वह बेहद मिलनसार, शांत स्वभाव और आध्यात्मिक विचारों वाली महिला थीं। वह पहले सोसाइटी की आरडब्ल्यूए (रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) की उपाध्यक्ष भी रह चुकी थीं और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहती थीं। अध्यक्ष विक्रम गहलोत ने बताया कि चित्रा कपूर सभी से स्नेहपूर्वक मिलती थीं और किसी से उनका कोई विवाद नहीं था। ऐसे में उनका यह कदम सभी के लिए चौंकाने वाला है।
पड़ोस में रहने वाली रीमा और अनीता नाम की महिलाओं ने कहा कि चित्रा कपूर की मौत उनके लिए व्यक्तिगत नुकसान जैसा है। उन्होंने बताया कि वह अक्सर बातचीत करती थीं, धार्मिक चर्चा करती थीं और दूसरों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहती थीं। किसी ने कभी उन्हें परेशान या उदास नहीं देखा था।
परिवार की पृष्ठभूमि
मृतका के परिवार में पति अजय कपूर, एक बेटा और एक बेटी हैं। अजय कपूर का निजी कारोबार है, जिसमें बेटा उनका सहयोग करता है। बेटी की शादी हो चुकी है और वह कुछ दिन पहले ही मायके आई हुई थी। खास बात यह है कि एक सप्ताह पहले ही बेटी ने एक बच्ची को जन्म दिया था और चित्रा कपूर नानी बनी थीं। परिवार में खुशी का माहौल था, ऐसे में इस घटना ने सभी को और अधिक हैरान कर दिया है।
सुबह मिली पुलिस को सूचना
पुलिस के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 8:49 बजे इस घटना की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जांच प्रक्रिया शुरू की गई। शुरुआती जांच में किसी बाहरी व्यक्ति की भूमिका या दबाव के संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
जांच जारी, सवाल बरकरार
हालांकि सीसीटीवी फुटेज और शुरुआती तथ्यों के आधार पर यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन सवाल अब भी कायम हैं कि आखिर ऐसी क्या वजह थी जिसने एक खुशहाल और सामाजिक महिला को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
फिलहाल, वसंत कुंज की यह घटना लोगों को मानसिक स्वास्थ्य और बुजुर्गों की भावनात्मक स्थिति पर सोचने को मजबूर कर रही है। एक ओर परिवार अपने प्रियजन को खोने के गम में डूबा है, वहीं दूसरी ओर पूरी सोसाइटी इस सवाल से जूझ रही है कि आखिर किसी के मन में चल रहे तूफान को समय रहते कैसे समझा जाए।
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