करनाल। हरियाणा के करनाल जिले में मौसम ने अचानक करवट ली है। बीते कुछ दिनों से झुलसा देने वाली गर्मी झेल रहे लोगों को अब तेज हवाओं और बदलते मौसम ने थोड़ी राहत दी है। सोमवार देर रात और मंगलवार सुबह चली तेज हवाओं ने तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज कराई। अधिकतम तापमान करीब पांच डिग्री तक नीचे आ गया, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत महसूस हुई। मौसम विभाग ने बुधवार के लिए बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि मौसम में अभी और बदलाव देखने को मिल सकता है।

पिछले सप्ताह तक करनाल में गर्मी अपने चरम पर थी। बैसाख के महीने में ही तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जिससे दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। तेज धूप और लू के थपेड़ों ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया था। लेकिन सोमवार देर रात आए आंधी-तूफान ने मौसम का मिजाज बदल दिया। इसके बाद मंगलवार सुबह से ही आसमान में बादल छाने लगे और तेज हवाएं चलने लगीं, जिससे तापमान में गिरावट आई।
मंगलवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दिनों के मुकाबले काफी कम है। वहीं, न्यूनतम तापमान में वृद्धि देखने को मिली और यह 25.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यानी दिन के तापमान में गिरावट आई है, जबकि रात के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के कारण हो रहा है, जिसका प्रभाव उत्तर भारत के कई हिस्सों में देखा जा रहा है।
तेज हवाओं की रफ्तार भी लोगों के लिए चर्चा का विषय रही। मंगलवार को हवा की गति करीब 14 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। हालांकि यह बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन गर्मी के बीच यह हवा लोगों को राहत देने के लिए काफी रही। सुबह और शाम के समय मौसम सुहावना महसूस हुआ, जिससे लोग घरों से बाहर निकलते भी दिखाई दिए।
मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव अभी कुछ दिनों तक जारी रह सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है और इसका असर धीरे-धीरे मैदानी इलाकों तक पहुंच रहा है। इसके चलते आसमान में बादल छाने, धूलभरी आंधी चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी हुई है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है, जिससे तापमान में और गिरावट आ सकती है।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खिचड़ ने बताया कि एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ी क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है। इसका आंशिक प्रभाव हरियाणा में भी देखने को मिलेगा। 29 अप्रैल के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाने की संभावना है। इसके साथ ही मध्यम से तेज गति से हवाएं चल सकती हैं, जो धूलभरी भी हो सकती हैं। गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने के भी आसार हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि कुछ स्थानों पर बारिश की तीव्रता अधिक हो सकती है, जिससे मौसम पूरी तरह बदल सकता है। किसानों के लिए यह मौसम महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि बारिश फसलों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है। हालांकि तेज हवाएं और आंधी कुछ नुकसान भी पहुंचा सकती हैं, इसलिए सतर्क रहने की जरूरत है।
मौसम में आए इस बदलाव का असर जनजीवन पर भी साफ दिखाई दे रहा है। जहां एक ओर लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर तेज हवाओं और धूलभरी आंधी ने परेशानी भी बढ़ाई है। कई जगहों पर धूल के गुबार से दृश्यता कम हो गई, जिससे वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, कुछ स्थानों पर पेड़ों की टहनियां टूटने और बिजली के तारों पर असर पड़ने की खबरें भी सामने आई हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे बदलते मौसम में लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। दिन में गर्मी और रात में हल्की ठंडक होने से सर्दी-जुकाम जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। बच्चों और बुजुर्गों को खास ध्यान देने की सलाह दी गई है। साथ ही, तेज हवाओं के दौरान बाहर निकलने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जा रही है।
बुधवार को जारी ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। संभावित बारिश और तेज हवाओं के मद्देनजर संबंधित विभागों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। बिजली विभाग को विशेष रूप से अलर्ट रहने को कहा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। वहीं, किसानों को भी मौसम की जानकारी के आधार पर अपने कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, करनाल में मौसम ने एक बार फिर अपना रंग बदला है। भीषण गर्मी के बाद अब लोगों को राहत का एहसास हो रहा है, लेकिन यह बदलाव अस्थायी भी हो सकता है। आने वाले दिनों में मौसम और क्या रूप लेगा, यह पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता पर निर्भर करेगा। फिलहाल लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे मौसम से जुड़े अपडेट पर नजर बनाए रखें और आवश्यक सावधानी बरतें।
इस तरह, करनाल में बदलते मौसम ने यह साफ कर दिया है कि गर्मी के इस मौसम में भी अचानक बदलाव संभव है। जहां एक ओर यह राहत लेकर आता है, वहीं दूसरी ओर कुछ नई चुनौतियां भी खड़ी करता है। इसलिए सतर्कता और जागरूकता ही इस समय सबसे बड़ा बचाव है।
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