हरियाणा के सोनीपत जिले में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो बेहद खतरनाक तरीके से हाईटेंशन बिजली की तारों की चोरी कर रहा था। यह गिरोह अपनी जान को जोखिम में डालकर सक्रिय बिजली लाइनों को काटता था और फिर तारों को चोरी कर लेता था। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान नीरज (गांव पुरखास), दीपक (गढ़ी ब्राह्मणा) और अरमान (गांव पुगथला) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, ये तीनों लंबे समय से इस तरह की चोरी में लिप्त थे और अलग-अलग जिलों में वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। इनका आपराधिक रिकॉर्ड भी काफी लंबा है, जिससे साफ है कि ये पेशेवर अपराधी हैं।
पुलिस जांच में यह सामने आया है कि आरोपियों का काम करने का तरीका बेहद अलग और खतरनाक था। आमतौर पर हाईटेंशन बिजली की लाइनों के पास जाना भी जोखिम भरा होता है, लेकिन ये आरोपी बिना किसी डर के चलती हुई बिजली की लाइनों को काट देते थे। इसके बाद वे तारों को अपने साथ ले जाते और उन्हें अवैध बाजार में बेच देते थे।
इस गिरोह की एक बड़ी वारदात सोनीपत के बैंयापुर इलाके में सामने आई, जहां आरोपियों ने करीब 2 से 3 किलोमीटर लंबी हाईटेंशन तार चोरी कर ली थी। इतनी बड़ी मात्रा में तार चोरी होने से इलाके में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई और कई गांवों को असुविधा का सामना करना पड़ा। इससे बिजली विभाग को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा।
पुलिस ने जब इस मामले में कार्रवाई की, तो आरोपियों के पास से चोरी की गई हाईटेंशन तारों के दो बंडल बरामद किए गए। इसके अलावा एक वाहन और तार काटने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले औजार भी जब्त किए गए हैं। इन औजारों से यह स्पष्ट होता है कि आरोपी पूरी तैयारी के साथ वारदात को अंजाम देते थे।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई अहम जानकारियां दी हैं। उन्होंने बताया कि वे अब तक कुल सात चोरी की घटनाओं में शामिल रहे हैं। इनमें पांच घटनाएं सोनीपत जिले में, एक रोहतक में और एक झज्जर में अंजाम दी गई थीं। पुलिस को शक है कि इनकी गतिविधियां इससे भी ज्यादा हो सकती हैं और आगे की जांच में और मामले सामने आ सकते हैं।
मामले की जानकारी देते हुए एसीपी राजपाल ने बताया कि पुलिस को लंबे समय से इस तरह की चोरी की घटनाओं की शिकायत मिल रही थी। इसके बाद पुलिस ने एक विशेष योजना बनाकर आरोपियों को पकड़ने का प्रयास शुरू किया। गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
एसीपी ने यह भी बताया कि आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि उनसे और गहराई से पूछताछ की जा सके। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और चोरी किए गए तारों को कहां बेचा जाता था।
इस घटना ने यह भी दिखाया है कि किस तरह कुछ लोग पैसे के लालच में अपनी जान को खतरे में डालने से भी नहीं हिचकते। हाईटेंशन तारों को काटना एक बेहद खतरनाक काम है, जिसमें किसी भी समय जान जा सकती है। इसके बावजूद आरोपी लगातार इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इस गिरोह के पकड़े जाने से इलाके में चोरी की घटनाओं पर लगाम लगेगी और लोगों को राहत मिलेगी। साथ ही उन्होंने पुलिस से यह भी मांग की है कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की हरकत करने से पहले सोचे।
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि चोरी किए गए तारों का इस्तेमाल कहां किया जाता था और इस पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका थी। पुलिस को उम्मीद है कि आगे की पूछताछ में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
कुल मिलाकर, सोनीपत पुलिस की इस कार्रवाई ने एक खतरनाक गिरोह को बेनकाब कर दिया है, जो न केवल कानून तोड़ रहा था, बल्कि अपनी और दूसरों की जान को भी खतरे में डाल रहा था। अब यह देखना होगा कि पुलिस इस मामले में और क्या-क्या खुलासे करती है और इस तरह के अपराधों पर किस हद तक रोक लगा पाती है।
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