हरियाणा के पानीपत जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक छोटी सी लापरवाही ने एक मासूम की जिंदगी को खतरे में डाल दिया। जिले के गांव सिवाह में डेढ़ साल की एक बच्ची उबलते पानी की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गई। बच्ची को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।

जानकारी के अनुसार, यह परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शामली जिले के गांव रामड़ा का रहने वाला है। परिवार के मुखिया मोहम्मद इस्तिगार अपने परिवार के साथ इन दिनों पानीपत के गांव सिवाह में रह रहे हैं। वे यहां खेतों में खरबूजे की खेती करते हैं और मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं।
शनिवार का दिन परिवार के लिए आम दिनों की तरह ही शुरू हुआ था, लेकिन शाम होते-होते यह दिन उनके लिए जिंदगी का सबसे दर्दनाक दिन बन गया। घटना शाम करीब 4 बजे की बताई जा रही है। उस समय घर में खाना बनाने का काम चल रहा था।
इस्तिगार की पत्नी रसोई में चावल बनाने की तैयारी कर रही थी। इसके लिए उन्होंने एक बड़े बर्तन में करीब 4 लीटर पानी उबालने के लिए रखा हुआ था। पानी पूरी तरह से उबल चुका था। इसी दौरान वह किसी अन्य घरेलू काम में व्यस्त हो गईं और बर्तन को उसी स्थिति में छोड़ दिया।
उधर, उनकी डेढ़ साल की इकलौती बेटी अमबिया घर में खेल रही थी। मासूम उम्र में उसे किसी भी खतरे का अंदाजा नहीं था। खेलते-खेलते वह धीरे-धीरे उस जगह पहुंच गई जहां उबलता हुआ पानी रखा हुआ था।
किसी को भनक भी नहीं लगी कि अगले ही कुछ सेकंड में एक बड़ा हादसा होने वाला है। खेलते हुए बच्ची का हाथ अचानक उस बर्तन से टकरा गया। जैसे ही बर्तन हिला, उसमें रखा उबलता पानी सीधे बच्ची के शरीर पर गिर गया।
तेज गर्म पानी के संपर्क में आते ही बच्ची जोर-जोर से चीखने लगी। उसकी दर्द भरी आवाज सुनकर घर में मौजूद लोग घबरा गए और तुरंत उसकी ओर दौड़े। जब उन्होंने बच्ची की हालत देखी तो उनके होश उड़ गए। बच्ची का शरीर बुरी तरह झुलस चुका था।
परिजनों ने बिना समय गंवाए तुरंत बच्ची को अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उसे भर्ती कर लिया और इलाज शुरू कर दिया। फिलहाल बच्ची की हालत गंभीर बताई जा रही है और डॉक्टर उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
इस हादसे के बाद परिवार में मातम जैसा माहौल है। इकलौती बेटी के इस तरह घायल हो जाने से माता-पिता पूरी तरह टूट चुके हैं। मां का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पिता भी गहरे सदमे में हैं। उन्होंने बताया कि यह हादसा इतनी जल्दी हुआ कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना सभी के लिए एक चेतावनी है। छोटे बच्चों के आसपास खासकर रसोई में काम करते समय बहुत सतर्क रहने की जरूरत होती है। उबलते पानी, गर्म दूध या अन्य गर्म चीजों को बच्चों की पहुंच से दूर रखना बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, घर में होने वाले ऐसे हादसे अक्सर लापरवाही के कारण होते हैं। छोटे बच्चे जिज्ञासु होते हैं और हर चीज को छूने या देखने की कोशिश करते हैं। ऐसे में अभिभावकों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
यह घटना न केवल एक परिवार की पीड़ा को दर्शाती है, बल्कि यह भी सिखाती है कि थोड़ी सी सावधानी कई बड़े हादसों को टाल सकती है। रसोई में काम करते समय बच्चों पर नजर रखना, गर्म बर्तनों को सुरक्षित जगह पर रखना और खतरनाक चीजों को उनकी पहुंच से दूर रखना बेहद जरूरी है।
फिलहाल पूरा गांव इस घटना से दुखी है और सभी लोग बच्ची के जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं। वहीं परिवार को भी उम्मीद है कि उनकी बेटी जल्द ठीक होकर फिर से मुस्कुराएगी।
यह हादसा एक कड़वी सच्चाई को सामने लाता है कि कभी-कभी छोटी सी चूक भी जिंदगी भर का दर्द बन सकती है। इसलिए जरूरी है कि हम सभी अपने घरों में सुरक्षा के प्रति अधिक जागरूक रहें और खासकर छोटे बच्चों के मामले में कोई भी जोखिम न लें।
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