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उत्तर भारत में फिर बदलेगा मौसम: पहाड़ों पर बर्फ की चादर, मैदानों में बारिश और घना कोहरा

उत्तर-पश्चिम भारत एक बार फिर मौसम के बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है। लगातार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के असर से आने वाले दिनों में पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी तेज होने वाली है, जबकि मैदानी राज्यों में ठंड, कोहरा, बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव 22 जनवरी से साफ तौर पर नजर आने लगेगा और इसका प्रभाव कई दिनों तक बना रह सकता है।

पहाड़ों में बर्फबारी का नया दौर

हिमालयी राज्यों में सर्दी का असर एक बार फिर तेज हो गया है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 22 जनवरी से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। खासतौर पर कश्मीर घाटी के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी हो सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 22 और 23 जनवरी को घाटी के कई हिस्सों में बर्फ की मोटी परत जम सकती है, जिससे तापमान में और गिरावट आएगी।

लद्दाख और आसपास के क्षेत्रों में भी बर्फबारी के साथ ठंड बढ़ने के आसार हैं। हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों जैसे लाहौल-स्पीति, किन्नौर और कुल्लू में 23 जनवरी को बर्फ गिरने की संभावना है। उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों—चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़—में भी बर्फबारी और ठंडी हवाएं लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं।

मैदानी राज्यों में बदलेगा मिजाज

जहां पहाड़ों पर बर्फ गिरने वाली है, वहीं मैदानी इलाकों में मौसम का असर अलग रूप में दिखेगा। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश के आसार हैं। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है, जिससे दिन और रात के तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।

हालांकि हाल के दिनों में कुछ मैदानी राज्यों में तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, लेकिन नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण ठंड फिर से बढ़ने की संभावना है। बारिश के बाद सर्द हवाएं चलने से ठिठुरन और बढ़ सकती है।

तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी

मौसम विभाग ने 23 जनवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। इन इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।

हिमाचल प्रदेश में 22 और 23 जनवरी को, जबकि उत्तराखंड में 23 जनवरी को वज्रपात के साथ बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने और खराब मौसम के दौरान खुले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।

पहाड़ों में गिरा तापमान

पहाड़ी राज्यों में पहले से ही तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। कश्मीर घाटी में न्यूनतम तापमान एक बार फिर नीचे चला गया है। सोनमर्ग में तापमान 6 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया, जबकि श्रीनगर में पारा माइनस 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह पिछले दिन की तुलना में करीब दो डिग्री कम है।

हिमाचल प्रदेश में भी रात का तापमान कई जगहों पर 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। शिमला समेत राज्य के 17 से अधिक स्थानों पर कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बर्फबारी के बाद इन इलाकों में सड़कों के फिसलन भरे होने की आशंका है, जिससे यातायात प्रभावित हो सकता है।

उत्तर भारत में घने कोहरे का कहर

उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में घना से बहुत घना कोहरा लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। हरियाणा और पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में दृश्यता 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई है। इससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ है।

मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब में 21 जनवरी तक कई इलाकों में घना कोहरा बना रह सकता है, जबकि 22 जनवरी को अत्यंत घने कोहरे की स्थिति बन सकती है। हरियाणा और चंडीगढ़ में भी 21 जनवरी तक कोहरे का असर रहने की संभावना है। सुबह और देर रात के समय वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

दिल्ली-एनसीआर में भी बदलेगा मौसम

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी मौसम करवट लेने वाला है। मौसम विभाग का कहना है कि 21 जनवरी की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। इसके असर से 23 जनवरी को दिल्ली में हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक की संभावना है। इसे देखते हुए दिल्ली के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।

21 और 22 जनवरी को दिल्ली और एनसीआर में सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा छाने की संभावना है। दिन में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। न्यूनतम तापमान 6 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि दोपहर के समय हल्की हवाएं चल सकती हैं।

सावधानी जरूरी

मौसम विभाग ने पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बर्फबारी और बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क बंद होने की स्थिति बन सकती है। वहीं मैदानी इलाकों में कोहरे और बारिश के चलते दृश्यता कम रहने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।

कुल मिलाकर, उत्तर भारत में आने वाले कुछ दिन मौसम के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में बारिश, कोहरा व तेज हवाएं ठंड को और बढ़ा देंगी। ऐसे में मौसम की ताजा अपडेट पर नजर रखना और सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

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