पूर्वी दिल्ली के गीता कॉलोनी इलाके में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना में एक महिला पर हेड कांस्टेबल को दांत से काटने, वर्दी फाड़ने और अन्य पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई करने के आरोप लगे हैं। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

घटना एक फरवरी की रात करीब 8:15 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, पूर्वी दिल्ली के गीता कॉलोनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुस्ता रोड पर किसी झगड़े की सूचना मिलने पर पुलिस की आपातकालीन टीम मौके पर पहुंची थी। इस टीम में हेड कांस्टेबल अंकुर और कांस्टेबल जावेद शामिल थे, जो उस समय पीसीआर ड्यूटी पर तैनात थे। कंट्रोल रूम से मिली कॉल के आधार पर दोनों पुलिसकर्मी स्थिति को संभालने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए घटनास्थल पर पहुंचे।
मौके पर पहुंचते ही पुलिसकर्मियों ने देखा कि वहां पहले से ही काफी अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ था। सड़क पर कई लोग इकट्ठा थे और आपस में कहासुनी चल रही थी। शोर-शराबा इतना अधिक था कि आसपास के लोग भी जमा होने लगे थे। पुलिस ने स्थिति को भांपते हुए सबसे पहले लोगों को शांत कराने और विवाद को खत्म कराने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को समझाने-बुझाने की कोशिश की ताकि मामला बढ़ने से रोका जा सके।
हालांकि, पुलिस के मुताबिक, इस दौरान एक महिला और उसके साथ मौजूद कुछ अन्य लोगों ने पुलिस की बात मानने से इनकार कर दिया। आरोप है कि जब पुलिसकर्मियों ने भीड़ को हटाने और झगड़ा खत्म करने के लिए सख्ती दिखाई, तो महिला अचानक उग्र हो गई। उसने न केवल पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी शुरू कर दी, बल्कि उन्हें धक्का देना और गाली-गलौज करना भी शुरू कर दिया।
स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब महिला ने हेड कांस्टेबल अंकुर पर हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार, महिला ने हेड कांस्टेबल को पकड़ लिया और उनकी वर्दी फाड़ दी। इतना ही नहीं, आरोप है कि उसने उनके दाहिने कंधे पर दांत से काट लिया, जिससे वह घायल हो गए। अचानक हुए इस हमले से मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। इसी दौरान, महिला और उसके साथ मौजूद अन्य लोगों ने कांस्टेबल जावेद के साथ भी हाथापाई की, जिसमें उन्हें भी चोटें आईं।
घटना के दौरान सड़क पर भीड़ और ज्यादा बढ़ गई। कुछ लोग पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड करने लगे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौके पर मौजूद लोगों से बार-बार शांति बनाए रखने की अपील की गई, लेकिन इसके बावजूद हंगामा जारी रहा। पुलिस के सरकारी कार्य में बाधा डाली गई और स्थिति को नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
आखिरकार, अतिरिक्त पुलिस बल के पहुंचने के बाद हालात पर काबू पाया गया। घायल हेड कांस्टेबल अंकुर और कांस्टेबल जावेद को तुरंत मेडिकल जांच के लिए डॉ. हेडगेवार अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने दोनों का इलाज किया और उनकी मेडिकल रिपोर्ट तैयार की गई, जिसे जांच का हिस्सा बनाया गया है।
पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले में महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की उन धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है, जो सरकारी कर्मचारी पर हमला, पुलिस कार्य में बाधा डालने और जानबूझकर चोट पहुंचाने से संबंधित हैं। आरोपी महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि घटना के समय उसके साथ कौन-कौन लोग मौजूद थे और उनकी भूमिका क्या थी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के दौरान पुलिसकर्मियों पर इस तरह का हमला बेहद गंभीर मामला है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाती है ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति पुलिस के काम में बाधा डालने या कानून हाथ में लेने की कोशिश न करे। फिलहाल, पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है और वीडियो फुटेज समेत अन्य सबूतों को भी खंगाला जा रहा है।
इस घटना ने एक बार फिर पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और ड्यूटी के दौरान आने वाली चुनौतियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रोजाना कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात पुलिसकर्मी कई बार ऐसे हालातों का सामना करते हैं, जहां उनकी जान और सम्मान दोनों खतरे में पड़ जाते हैं। पुलिस का कहना है कि दोषियों को कानून के मुताबिक सजा दिलाई जाएगी और मामले में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
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