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‘राहुल गांधी न्याय योद्धा हैं’, अलका लांबा का बयान; NEET पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री को घेरा

राहुल गांधी से मिलने पहुंचे देशभर के कार्यकर्ता, अलका लांबा ने बताया “न्याय योद्धा”; NEET पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद और अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष अलका लांबा ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के जन्मदिन के अवसर पर देशभर से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उनसे मिलने दिल्ली पहुंच रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी को “न्याय योद्धा” बताते हुए कहा कि वे लगातार जनता के अधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं तथा बिना किसी भय के अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।

अलका लांबा ने कहा कि राहुल गांधी आज देश के उन नेताओं में शामिल हैं जो आम जनता, युवाओं, किसानों, महिलाओं और वंचित वर्गों के मुद्दों को मजबूती से उठाते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच राहुल गांधी के प्रति जो सम्मान और विश्वास दिखाई देता है, वह उनके निरंतर संघर्ष और जनहित के प्रति समर्पण का परिणाम है।

उन्होंने कहा, “देश के विभिन्न राज्यों से कांग्रेस कार्यकर्ता राहुल गांधी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए दिल्ली पहुंच रहे हैं। राहुल गांधी एक न्याय योद्धा हैं। वे लगातार बिना डरे और बिना झुके न्याय की लड़ाई लड़ते रहें, यही हमारी शुभकामना है।”

राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह

कांग्रेस सांसद ने कहा कि राहुल गांधी ने पिछले कुछ वर्षों में देशभर में यात्रा कर जनता की समस्याओं को समझने और उन्हें राष्ट्रीय मंच पर उठाने का काम किया है। यही कारण है कि पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में युवा भी उनके नेतृत्व से प्रेरित हैं।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने, संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता की रक्षा करने और सामाजिक समानता स्थापित करने के लिए राहुल गांधी लगातार संघर्ष कर रहे हैं। देशभर के कांग्रेस कार्यकर्ता उनके इसी संघर्ष और विचारधारा से जुड़कर संगठन को मजबूत बनाने में लगे हुए हैं।

अलका लांबा ने कहा कि राहुल गांधी का राजनीतिक जीवन केवल सत्ता प्राप्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाना है। यही कारण है कि उन्हें जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं का व्यापक समर्थन प्राप्त हो रहा है।

NEET पेपर लीक मामले पर सरकार को घेरा

इस दौरान अलका लांबा ने NEET परीक्षा से जुड़े पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर मामले में सरकार अब तक असली दोषियों तक पहुंचने और उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है।

उन्होंने कहा कि देशभर के छात्र और अभिभावक परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर चिंतित हैं। ऐसे समय में सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह पारदर्शी और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करे तथा दोषियों को कड़ी सजा दिलाए।

लांबा ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में बार-बार सामने आ रही अनियमितताओं ने युवाओं के मन में अविश्वास पैदा किया है। यदि समय रहते इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो इसका प्रभाव देश की शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

टेलीग्राम प्रतिबंध पर हाईकोर्ट के फैसले का सम्मान

दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा NEET पेपर लीक मामले से जुड़े कुछ टेलीग्राम चैनलों पर प्रतिबंध जारी रखने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए अलका लांबा ने कहा कि कांग्रेस न्यायालय के निर्णय का सम्मान करती है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि केवल डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन संगठित नेटवर्क और माफिया तत्वों पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए जो परीक्षा में धांधली और पेपर लीक जैसी घटनाओं के पीछे सक्रिय रहते हैं।

उन्होंने कहा, “माफिया पर इनका कुछ नहीं चल रहा है। इधर-उधर हाथ-पैर मार रहे हैं। हाईकोर्ट के फैसले का हम सम्मान करते हैं, लेकिन उम्मीद करते हैं कि दोबारा पेपर लीक जैसी घटना नहीं होगी।”

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मूल समस्या पर कार्रवाई करने के बजाय केवल सतही कदम उठा रही है। उनका कहना था कि जब तक पेपर लीक कराने वाले संगठित गिरोहों का पूरी तरह से सफाया नहीं किया जाएगा, तब तक ऐसी घटनाओं को रोकना मुश्किल होगा।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग

कांग्रेस सांसद ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan पर भी सवाल उठाए और कहा कि उन्हें नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

अलका लांबा ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी देश की परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाए रखना है। यदि इतनी बड़ी परीक्षा में पेपर लीक जैसी गंभीर घटना सामने आती है तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े मामले में जवाबदेही तय होना आवश्यक है।”

लांबा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस पूरे मामले में अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रही है, जबकि देश के छात्र और उनके परिवार स्पष्ट जवाब चाहते हैं।

विपक्ष लगातार कर रहा है निष्पक्ष जांच की मांग

NEET पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दल लगातार केंद्र सरकार को घेर रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं है, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो सकते हैं। पार्टी ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग की है।

विपक्षी दलों का कहना है कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सरकार को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर ठोस कदम उठाने चाहिए। साथ ही ऐसी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए जिससे भविष्य में किसी भी राष्ट्रीय परीक्षा में पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

युवाओं और छात्रों के मुद्दों पर कांग्रेस का फोकस

अलका लांबा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी युवाओं, छात्रों और रोजगार से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाती रही है। NEET पेपर लीक मामला भी उन्हीं मुद्दों में से एक है, जिसने लाखों परिवारों को प्रभावित किया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस संसद से लेकर सड़क तक छात्रों के हितों की आवाज उठाती रहेगी और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी कि दोषियों को सजा मिले तथा भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भी लगातार युवाओं और छात्रों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं। यही कारण है कि देशभर के युवा उनके नेतृत्व को आशा और परिवर्तन के प्रतीक के रूप में देखते हैं।

कांग्रेस सांसद ने अंत में कहा कि लोकतंत्र में जवाबदेही और पारदर्शिता बेहद आवश्यक है। सरकार को शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए गंभीरता से काम करना चाहिए ताकि देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित रह सके और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनी रहे।

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