हरियाणा के Ambala में नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस की मुहिम लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में सीआईए-2 की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब डेढ़ किलो अफीम बरामद हुई है, जो अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की ओर इशारा करती है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच में जुट गई है।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई नसरौली-भड़ोग रोड पर की गई, जहां गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने घेराबंदी की थी। सीआईए-2 के सह उप निरीक्षक नवीन कुमार और अमृत लाल की अगुवाई में टीम ने मौके पर पहुंचकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। सूचना बिल्कुल सटीक साबित हुई और पुलिस ने सफेदे के पेड़ों के बीच छिपे दो युवकों को पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 1.534 किलोग्राम अफीम बरामद हुई, जिसकी बाजार में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान जय कुमार और ललन के रूप में हुई है, जो बिहार के सीतामढ़ी जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी लंबे समय से नशा तस्करी के धंधे में सक्रिय थे और हरियाणा सहित अन्य राज्यों में सप्लाई करते थे।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ NDPS Act के तहत मामला दर्ज कर लिया है। उन्हें थाना पंजोखरा साहिब में दर्ज प्राथमिकी के बाद अदालत में पेश किया गया। अदालत ने एक आरोपी ललन को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया, जबकि मुख्य आरोपी जय कुमार को पुलिस रिमांड पर लिया गया है, ताकि उससे गहन पूछताछ की जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिमांड के दौरान आरोपियों से यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि वे अफीम कहां से लाते थे, किन-किन राज्यों में इसकी सप्लाई करते थे और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। माना जा रहा है कि यह एक संगठित गिरोह का हिस्सा है, जो लंबे समय से सक्रिय है।
इस कार्रवाई के बाद अंबाला पुलिस की सक्रियता एक बार फिर चर्चा में आ गई है। आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से मार्च तक के तीन महीनों में पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया है। इस दौरान कुल 28 मामले एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज किए गए और 48 तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
इन तीन महीनों में पुलिस ने नशीले पदार्थों की बड़ी खेप भी बरामद की है। आंकड़ों के मुताबिक, 2 किलो 938 ग्राम अफीम, 137 किलो चूरापोस्त, 6 किलो 844 ग्राम गांजा, 1 किलो 275 ग्राम हेरोइन और 866 नशीली गोलियां व कैप्सूल जब्त किए गए हैं। यह दर्शाता है कि क्षेत्र में नशा तस्करी का नेटवर्क कितना बड़ा और सक्रिय है।
पुलिस का मानना है कि नशा तस्करी केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुका है। खासकर युवाओं को नशे की लत में धकेलने के पीछे ऐसे ही गिरोहों की बड़ी भूमिका होती है। इसलिए इन तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है।
सीआईए-2 की टीम की इस सफलता को पुलिस विभाग में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे ऑपरेशन जारी रहेंगे और नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। उनका कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से न केवल अपराधियों में डर पैदा होगा, बल्कि समाज में सुरक्षा की भावना भी मजबूत होगी।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि केवल गिरफ्तारी से समस्या का पूर्ण समाधान नहीं हो सकता। इसके लिए समाज के स्तर पर भी जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है, ताकि लोग नशे से दूर रहें और ऐसे गिरोहों के खिलाफ जानकारी पुलिस तक पहुंचाएं।
अंततः, अंबाला में हुई यह कार्रवाई यह दिखाती है कि यदि पुलिस और प्रशासन सक्रियता के साथ काम करें तो नशा तस्करी जैसे गंभीर अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकता है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस अंतरराज्यीय नेटवर्क के कितने बड़े हिस्से तक पहुंच पाती है और आने वाले दिनों में इस मामले में क्या नए खुलासे होते हैं।
स्वर्णिम टाईम्स : Swarnim Times आपका अपना इंटरनेट अख़बार !