हरियाणा के Hisar-हांसी बाईपास पर देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। शादी समारोह से लौट रहे पांच दोस्तों की कार एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से जा टकराई, जिसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा न केवल लापरवाही और तेज रफ्तार का परिणाम माना जा रहा है, बल्कि एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े कर गया है।

यह दुर्घटना Hansi बाईपास पर सैनीपुरा फ्लाईओवर के पास 26 मार्च की रात करीब 2:30 बजे हुई। जानकारी के अनुसार, Tata Sierra कार में सवार पांचों युवक भिवानी जिले के बड़सी गांव में एक शादी समारोह में शामिल होकर अपने गांव मोची चौबारा लौट रहे थे। रात का समय, खाली सड़क और तेज रफ्तार—इन सबने मिलकर एक ऐसा खतरनाक मोड़ लिया, जिसने दो जिंदगियां छीन लीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार हिसार की दिशा में तेज गति से जा रही थी। इसी दौरान सामने चल रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली को चालक समय रहते देख नहीं पाया और पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
इस हादसे में फतेहाबाद जिले के गांव मोची चौबारा निवासी महावीर (42) और मनोज (38) की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों आपस में अच्छे दोस्त थे और एक ही गांव के रहने वाले थे। शादी से लौटते वक्त किसी ने भी नहीं सोचा होगा कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा।
कार में सवार अन्य तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। घायलों को पहले हांसी के नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए Hisar Medical College रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार, घायलों की स्थिति नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात को बहाल किया गया। पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए हांसी के नागरिक अस्पताल में रखवाया है। परिजनों को सूचना दे दी गई है और उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे का मुख्य कारण तेज रफ्तार और संभवतः चालक की लापरवाही हो सकती है। हालांकि, पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है, जिसमें ट्रैक्टर-ट्रॉली पर रिफ्लेक्टर या लाइट की स्थिति भी शामिल है। अक्सर देखा जाता है कि रात के समय सड़कों पर चलने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली में पर्याप्त संकेतक नहीं होते, जिससे पीछे से आने वाले वाहन चालकों को समय रहते अंदाजा नहीं लग पाता।
इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा के मुद्दे को सामने ला दिया है। खासकर रात के समय तेज रफ्तार से वाहन चलाना और भारी वाहनों के पीछे पर्याप्त दूरी न रखना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं से बचने के लिए न केवल वाहन चालकों को सावधानी बरतनी चाहिए, बल्कि प्रशासन को भी सड़कों पर सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करना होगा।
गांव मोची चौबारा में इस हादसे के बाद शोक का माहौल है। जिन घरों में कुछ घंटों पहले तक शादी की खुशियों की बातें हो रही थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में गमगीन माहौल बना हुआ है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हांसी बाईपास पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। खासकर फ्लाईओवर और बाईपास जैसे इलाकों में रात के समय रोशनी, संकेतक और ट्रैफिक निगरानी को बेहतर बनाने की जरूरत है।
यह हादसा एक कड़वी सच्चाई को उजागर करता है कि सड़क पर एक छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। तेज रफ्तार, थकान और असावधानी मिलकर किसी भी सफर को हादसे में बदल सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि हर व्यक्ति यातायात नियमों का पालन करे और अपनी तथा दूसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और हादसे के सही कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। वहीं, घायलों के जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद के साथ पूरा क्षेत्र इस दुखद घटना से उबरने की कोशिश कर रहा है।
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