डेस्क : दुर्गा पूजा को लेकर बड़ी खबर आ रही है. कोरोना को देखते हुए दुर्गापूजा में मूर्ति स्थापना, पंडाल बनाने, मेला लगाने के साथ ही विसर्जन जुलूस पर रोक लगा दी गई है. लेकिन इस बार कोरोना काल में सभी जगहों पर पंडालों पर रोक लगायी गयी है. बता दें कि हर साल की तरह इस साल दुर्गा पूजा में विशाल पंडालों की प्रतिमाएं देखने को नहीं मिलेंगी. यानि इस दुर्गा पूजा में सभी पटना वासियों को माता रानी की पूजा अपने-अपने घरों में रहकर करनी होगी.
- सब इंस्पेक्टर अनूप मिश्रा की अनूठी पहल :: नवरात्रि में स्कूल बैग और स्टेशनरी बांटकर शिक्षा के लिए किया जाएगा प्रेरित
- दरभंगा में जन वितरण प्रणाली को मिलेगा तकनीकी मजबूती, 70 नव PDS विक्रेताओं को वितरित हुई ईपॉस मशीन
- मदारपुर में निर्माणाधीन नाला एवं दिल्ली मोड़ बस स्टैंड का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण
- दरभंगा में FMCG Products की आड़ में कंटेनर से लाई जा रही 4,947.120 लीटर शराब बरामद, 2 गिरफ्तार
- Big Breaking :: दरभंगा में EOU की छापेमारी, बहादुरपुर BDO के आवास पर जनकपुरी में सुबह-सुबह पहुंची टीम
जिलाधिकारी पटना के आदेशानुसार इस साल माता रानी पटना के विशाल पंडालों में नहीं विराजेंगी. जिला प्रशासन ने सभी पंडालों के बनाने पर रोक लगाई है. यानि पटनावासी घरों में रहकर ही देवी मां की आराधना करेंगे.

गौरतलब है कि कोरोना के संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने पूजा पंडाल और मेले के आयोजन पर रोक लगा दी है. इस बार लोग घरों में मां भगवती की पूजा करेंगे. हर साल की तरह इस साल न तो पंडाल सजेंगे न ही प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी. पटना प्रशासन ने जानकारी दी है कि केन्द्र सरकार के दिशा निर्देश के मुताबिक किसी भी आयोजन में 100 से अधिक लोग इकट्ठा नहीं हो सकते हैं. यहां तक की दुर्गा पूजा की शान मेलों में लगे झूले और पंडालों से होती है. अगर मेला लगा और पंडाल बनाए गए तो नियम का पालन नहीं हो पाएगा. इसको देखते हुए डीएम ने पूजा पंडाल और मेला लगाने पर रोक लगाई है और अभी पटना प्रशासन की तैयारी चुनाव में जुटा हुआ है.
स्वर्णिम टाईम्स : Swarnim Times आपका अपना इंटरनेट अख़बार !