दरभंगा। लहेरियासराय के माउंट समर कॉन्वेंट स्कूल हॉस्टल में 9 वर्षीय कश्यप कुमार की मौत के करीब 85 दिन बाद उसकी मां मनीषा कुमारी (35) ने कथित तौर पर सल्फास खाकर मंगलवार को दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) में दम तोड़ दिया। परिवार का आरोप है कि बेटे की मौत में न्याय न मिलने और कार्रवाई न होने से मनीषा मानसिक रूप से टूट चुकी थीं।

परिजनों के अनुसार 7 अक्टूबर को कश्यप की लाश स्कूल हॉस्टल में फंदे से लटकी मिली थी। कश्यप दूसरी कक्षा का छात्र था और घटना से ठीक एक महीने पहले (10 सितंबर 2025) ही हॉस्टल में उसका नामांकन हुआ था।
कश्यप के मामा शिवशंकर कुमार ने बहादुरपुर थाना में आवेदन देकर आरोप लगाया था कि बच्चे की बेरहमी से पिटाई की गई और हत्या के बाद उसे फंदे से लटकाकर आत्महत्या का रूप दिया गया। उन्होंने कहा कि शिकायत के बावजूद स्कूल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

मनीषा कुमारी ने 6 बजे शाम सल्फास खाने की बात परिजनों को बताई। स्थिति बिगड़ने पर उन्हें पहले निजी अस्पताल और फिर बेहतर इलाज के लिए DMCH रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
मृतका के पति लव कुमार ने पुलिस-प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि बेटे की मौत की निष्पक्ष जांच न होने और आरोपियों पर कार्रवाई न होने से परिवार टूट चुका है।
परिजनों ने एक बार फिर इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिवार ने कहा कि जब तक सच सामने नहीं आता और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती, वे न्याय के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

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